बीकानेर से 50 मरीज निशुल्क घुटना प्रत्यारोपण के लिए अहमदाबाद रवाना, एक परिजन का खर्च भी फाउंडेशन उठाएगा
बीकानेर। सी.एम. मूंधड़ा फाउंडेशन की सामाजिक पहल के तहत 50 जरूरतमंद मरीजों को निशुल्क घुटना प्रत्यारोपण के लिए अहमदाबाद रवाना किया गया। मरीजों का घुटना प्रत्यारोपण अहमदाबाद स्थित के.डी. अस्पताल में कराया जाएगा। मरीजों के साथ उनके एक-एक परिजन की यात्रा, ठहरने और भोजन की व्यवस्था भी फाउंडेशन की ओर से निशुल्क की जाएगी।
बीकानेर रेलवे स्टेशन से अहमदाबाद रवाना हुए मरीज
बीकानेर रेलवे स्टेशन से 50 मरीजों को अहमदाबाद के लिए रवाना किया गया। सूरत के भामाशाह किशनलाल अग्रवाल एवं मनीष पुरोहित नटसा ने हरी झंडी दिखाकर मरीजों को रवाना किया। इस दौरान फाउंडेशन से जुड़े पदाधिकारी और अन्य लोग मौजूद रहे।
फाउंडेशन की ओर से आर्थिक रूप से जरूरतमंद मरीजों का निशुल्क घुटना प्रत्यारोपण कराया जाता है। इस सेवा के तहत केवल ऑपरेशन का खर्च ही नहीं, बल्कि मरीज के साथ जाने वाले एक परिजन की यात्रा की व्यवस्था भी निशुल्क की जाती है।
रहने और खाने की व्यवस्था भी निशुल्क
अहमदाबाद पहुंचने के बाद मरीज और उनके साथ जाने वाले परिजन के ठहरने तथा भोजन सहित आवश्यक व्यवस्थाएं भी ट्रस्ट की ओर से निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे मरीजों के परिवारों पर इलाज के दौरान आने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी कम होगा।
फाउंडेशन के अनुसार इस सेवा के माध्यम से अब तक 117 मरीजों का निशुल्क घुटना प्रत्यारोपण करवाया जा चुका है। आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों के लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि घुटना प्रत्यारोपण का इलाज कई परिवारों के लिए महंगा हो सकता है।
रवाना होते समय भावुक हुए मरीज
अहमदाबाद रवाना होने से पहले कई मरीज भावुक नजर आए। मरीजों ने सी.एम. मूंधड़ा फाउंडेशन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि घुटनों के दर्द के कारण लंबे समय से चलने-फिरने में परेशानी हो रही थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण महंगा ऑपरेशन कराना संभव नहीं था।
मरीजों ने कहा कि फाउंडेशन ने निशुल्क उपचार की जिम्मेदारी लेकर उनके लिए बड़ी राहत का काम किया है। मरीजों के अनुसार ऑपरेशन के साथ एक परिजन की यात्रा, रहने और भोजन की व्यवस्था निशुल्क करना भी परिवार के लिए बड़ी मदद है।
मरीजों ने कहा- मदद जीवनभर याद रहेगी
अहमदाबाद जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों ने फाउंडेशन से जुड़े भामाशाहों और पदाधिकारियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों के लिए की जा रही ऐसी सेवा मानवता की मिसाल है। मरीजों ने स्वस्थ होकर वापस लौटने की उम्मीद जताई।
मरीजों ने कहा कि आर्थिक परेशानी के कारण जिस इलाज को करवाना मुश्किल था, वह अब निशुल्क संभव हो रहा है। उन्होंने इस सहयोग को जीवनभर याद रखने की बात कही।
ये लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर संतोष आसोपा, पवन पचीसिया, फिजियोथेरेपिस्ट भवानी, राजेश आसोपा, ऋषिराज रामावत सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।





