बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से ₹20 हजार करोड़ का लेनदेन प्रभावित

11 Sep 2026 BIKANER
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बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से ₹20 हजार करोड़ का लेनदेन प्रभावित, 5-डे वीक की मांग पर बीकानेर में प्रदर्शन

बीकानेर। देशभर में बैंक कर्मचारियों की एक दिवसीय हड़ताल का असर बैंकिंग कामकाज पर देखने को मिला। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर 11 सितंबर को बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल की। UFBU का दावा है कि हड़ताल के कारण देशभर में करीब 20 हजार करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ।

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बीकानेर में भी UFBU से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी भारतीय स्टेट बैंक की पब्लिक पार्क शाखा के सामने एकत्रित हुए। आचार संहिता की पालना करते हुए यूनियन कार्यालय में कांफ्रेंस और प्रदर्शन सभा आयोजित की गई। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार और भारतीय बैंक संघ (IBA) के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें जल्द लागू करने की मांग की।

5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह सबसे प्रमुख मांग

बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांग 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इस मांग को लेकर लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। UFBU और IBA के बीच 7 दिसंबर 2023 को इस मुद्दे पर सहमति बनने के बावजूद इसे लागू नहीं किया गया है।

कर्मचारी नेताओं का कहना है कि 8 मार्च 2024 को हुए 12वें द्विपक्षीय वेतन समझौते में भी पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग शामिल की गई थी। इसके बावजूद सरकार की ओर से इसे लागू करने की निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई।

PLI में असमानता का भी विरोध

प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मचारियों ने PLI में कथित असमानता का मुद्दा भी उठाया। कर्मचारियों का आरोप है कि सहमति के बावजूद स्केल IV से अधिक के उच्च अधिकारियों को 365 दिन का PLI दिया जाना बैंक कर्मियों के साथ अन्याय है।

कर्मचारी संगठनों ने सभी बैंक कर्मचारियों के लिए PLI में समानता और 15 दिन के भुगतान की मांग उठाई। इसके अलावा लंबित मुद्दों को जल्द लागू करने की मांग भी की गई।

पुरानी पेंशन बहाली की मांग

बैंक कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कर्मचारियों से जुड़े लंबित मुद्दों का जल्द समाधान किया जाना चाहिए।

बीकानेर में SBI पब्लिक पार्क शाखा के बाहर प्रदर्शन

UFBU की स्थानीय इकाई के तत्वावधान में भारतीय स्टेट बैंक पब्लिक पार्क शाखा बीकानेर के बाहर प्रदर्शन किया गया। इसमें अधिकारी और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कर्मचारियों की भी सक्रिय भागीदारी रही।

कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने, PLI में समानता रखने और लंबित मांगों को जल्द पूरा करने को लेकर जोरदार नारेबाजी की।

रामदेव राठौड़ ने सरकार को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

UFBU के उप संयोजक रामदेव राठौड़ ने प्रदर्शन सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बैंकों में एक-दो शनिवार का अवकाश वर्ष 2015 में स्वीकृत किया गया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों में पिछले करीब 10 वर्षों से पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग लंबित है।

राठौड़ ने कहा कि 12वें द्विपक्षीय समझौते में यूनियनों के साथ इस मांग पर सहमति होने के बावजूद भारत सरकार की ओर से इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है। उनके अनुसार इसी के विरोध में 11 सितंबर को देशव्यापी एक दिवसीय हड़ताल की गई।

28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल का प्रस्ताव

UFBU की ओर से आंदोलन को आगे बढ़ाने का कार्यक्रम भी घोषित किया गया है। इसके तहत 28 सितंबर से 30 सितंबर तक अखिल भारतीय स्तर पर हड़ताल प्रस्तावित है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने UFBU के मुद्दों का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और आगे बढ़ाया जाएगा।

संगठन की ओर से 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी भी दी गई है। हालांकि आगे की कार्रवाई सरकार और बैंकिंग संगठनों के बीच होने वाली बातचीत के परिणाम पर निर्भर करेगी।

श्रम आयुक्त कार्यालय में बातचीत का भी हुआ जिक्र

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने बताया कि पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने के मुद्दे पर 22 और 23 जनवरी 2026 को श्रम आयुक्त कार्यालय, दिल्ली में UFBU, वित्तीय सेवा विभाग (DFS) और भारतीय बैंक संघ से जुड़े पक्षों के बीच मध्यस्थता की प्रक्रिया हुई थी। कर्मचारी संगठनों के अनुसार बैठक में ठोस निर्णय नहीं निकल सका।

इसके बाद 4 सितंबर तथा 8 और 9 सितंबर को हुई बातचीत का भी कर्मचारी नेताओं ने उल्लेख किया। संगठन का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की निश्चित तारीख घोषित नहीं होने के कारण हड़ताल का निर्णय लिया गया।

LIC, RBI और NABARD में 5-डे वीक का उदाहरण

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि भारत सरकार के कई कार्यालयों के साथ भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), बीमा क्षेत्र, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नाबार्ड सहित कई संस्थानों में पहले से पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है।

उनका कहना है कि इसके बावजूद राष्ट्रीयकृत बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू नहीं किया जाना कर्मचारियों के लिए चिंता का विषय है। प्रदर्शनकारियों ने वर्क-लाइफ बैलेंस के आधार पर भी अपनी मांग को जायज बताया।

सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारियों ने भी दिया समर्थन

बीकानेर में आयोजित प्रदर्शन में कई सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारियों ने भी सक्रिय सहभागिता की। उन्होंने आंदोलनरत कर्मचारियों के समर्थन में नारे लगाए और युवाओं का उत्साह बढ़ाया।

प्रदर्शन के दौरान UFBU से जुड़े विभिन्न घटक संगठनों के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन और संघर्ष को आगे बढ़ाया जाएगा।

बैंक कर्मचारियों की मांगों पर अब सरकार के फैसले का इंतजार

11 सितंबर की देशव्यापी हड़ताल के बाद अब बैंक कर्मचारी संगठनों की नजर सरकार और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े पक्षों के अगले कदम पर है। पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह, PLI में समानता, पुरानी पेंशन बहाली और अन्य लंबित मुद्दों को लेकर कर्मचारी संगठन आगे की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

यदि प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार आगे भी हड़ताल होती है तो बैंकिंग सेवाओं और लेनदेन पर इसका असर पड़ सकता है। फिलहाल कर्मचारी संगठनों ने सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की है।

महत्वपूर्ण: ₹20 हजार करोड़ के लेनदेन प्रभावित होने का आंकड़ा UFBU/प्रदर्शनकारी बैंक कर्मचारी संगठनों की ओर से बताया गया है। इसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित आधिकारिक आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।
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