50 हजार की रंगदारी नहीं दी तो बस लूटी, ड्राइवर से मारपीट कर जैसलमेर रोड ले गए

12 Sep 2026 BIKANER
Advertisement

50 हजार की रंगदारी नहीं दी तो बस लूटी, ड्राइवर से मारपीट कर जैसलमेर रोड ले गए

बीकानेर: लोक परिवहन बस संचालक ने कुछ लोगों पर 50 हजार रुपए की रंगदारी मांगने, मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने और उसकी बस जबरन ले जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। जिला पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत के बाद बीकानेर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रकरण की जांच सदर सीओ आकांक्षा कुमारी को सौंपी गई है।

Advertisement

बस के आगे अवैध स्लीपर बस चलने का आरोप

चूरू जिले के राजगढ़ क्षेत्र के आच्छापुर निवासी अरविंद पुत्र दलीप सिंह ने पुलिस को दिए परिवाद में बताया कि उसके पास राजस्थान लोक परिवहन सेवा की बस है, जिसका परमिट बीकानेर से कोटा रूट का है। शिकायत के अनुसार, निर्धारित समय से पहले उसकी बस के आगे एक स्लीपर बस बिना परमिट जयपुर के लिए संचालित की जा रही थी।

परिवादी का आरोप है कि इससे उसके बस व्यवसाय को नुकसान हो रहा था। उसने इस संबंध में परिवहन विभाग और पुलिस में कई बार शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

बस रुकवाने के नाम पर 10-15 हजार रुपए लेने का आरोप

शिकायत के अनुसार, करीब तीन-चार महीने पहले परिवादी की मुलाकात नीमकाथाना-बीकानेर रूट पर बस चलाने वाले मंडावा निवासी पप्पू राम से हुई। आरोप है कि पप्पू राम ने कहा कि कुछ खर्च करने पर आगे चल रही स्लीपर बस को रुकवाया जा सकता है।

परिवादी के मुताबिक, पप्पू राम के कहने पर उसने रामपुरा बस्ती, लालगढ़ निवासी मोहन सिंह और भवानी सिंह को 10 से 15 हजार रुपए दिए। आरोप है कि इसके बावजूद स्लीपर बस नहीं रुकवाई गई और रकम भी वापस नहीं की गई।

बस के शीशे तोड़ने का भी आरोप

परिवादी ने शिकायत में बताया कि 6 जून 2026 को परसनेऊ, चूरू से लौटते समय मोहन सिंह और भवानी सिंह ने कथित रूप से शराब के नशे में स्लीपर बस के शीशे तोड़ दिए थे। इस संबंध में राजलदेसर थाने में मामला दर्ज होने की बात भी शिकायत में कही गई है।

50 हजार रुपए की मांग और धमकी का आरोप

शिकायत के अनुसार, 28 अगस्त 2026 को पप्पू राम, सोहन सिंह, भवानी सिंह और सुरेश बिश्नोई ने परिवादी को फोन किया और 50 हजार रुपए की मांग की। आरोप है कि रकम नहीं देने पर उसकी बस बीकानेर नहीं चलने देने और जान से मारने की धमकी दी गई।

परिवादी के अनुसार, जब उसने रकम मांगने का कारण पूछा तो कथित तौर पर कहा गया कि राजलदेसर पुलिस पर खर्च हुए 50 हजार रुपए उसे देने होंगे।

डर के चलते लखासर में बस रोकने का दावा

परिवादी ने बताया कि धमकियों के कारण वह डर गया था। 29 अगस्त को कोटा से बीकानेर लौटते समय उसने खुद शहर में प्रवेश नहीं किया और लखासर पेट्रोल पंप पर रुक गया। इसके बाद उसने बस चालक को बस लेकर बीकानेर भेज दिया।

श्रीगंगानगर चौराहे पर चालक से मारपीट का आरोप

परिवाद के मुताबिक, 30 अगस्त 2026 को सुबह करीब 8:15 बजे श्रीगंगानगर चौराहे पर बस चालक शशि सिंह यात्रियों को बस में बैठा रहा था। इसी दौरान सुरेश बिश्नोई, भवानी सिंह, सोहन सिंह और दो-तीन अन्य लोग कार से वहां पहुंचे।

आरोप है कि उन्होंने चालक से बस खाली करने को कहा। चालक द्वारा मना करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे नीचे गिरा दिया गया। इसके बाद आरोपी कथित रूप से बस को जबरन अपने कब्जे में लेकर जैसलमेर रोड की ओर चले गए।

CCTV में घटना कैद होने का दावा

परिवादी ने पुलिस को दी शिकायत में दावा किया है कि बस चालक के साथ हुई मारपीट और बस ले जाने की पूरी घटना आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हुई है। पुलिस जांच के दौरान CCTV फुटेज की जांच की जा सकती है।

50 हजार रुपए देने के बाद भी बस वापस नहीं मिलने का आरोप

शिकायत के अनुसार, घटना के बाद परिवादी ने पप्पू राम से संपर्क किया। आरोप है कि उससे कहा गया कि 50 हजार रुपए देने पर बस वापस मिल जाएगी। इसके बाद परिवादी ने 30 अगस्त की शाम करीब 7:15 बजे पप्पू राम के कहने पर मुबारक निवासी रोलसाहबसर के बैंक खाते में 50 हजार रुपए जमा करवाए।

परिवादी का आरोप है कि रकम देने के बावजूद बस वापस नहीं मिली। इसके बाद उससे दोबारा अतिरिक्त रकम मांगी गई और रकम नहीं देने पर बस वापस नहीं मिलने की बात कही गई।

बस बरामदगी और सुरक्षा की मांग

परिवादी ने पुलिस से उसकी बस को सुरक्षित बरामद कराने और आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उसने स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध भी किया है।

इन धाराओं में मामला दर्ज

पुलिस ने परिवाद की जांच के बाद प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 309(4), 308(2), 351(2), 115(2), 126(2) एवं 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच सदर सीओ आकांक्षा कुमारी को सौंपी गई है।

पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल मामला शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधारित है। पुलिस अब बस को ले जाने की घटना, कथित रंगदारी की मांग, बैंक खाते में जमा 50 हजार रुपए, चालक के साथ मारपीट और CCTV फुटेज सहित पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी। जांच के बाद मामले में वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

महत्वपूर्ण: खबर में लगाए गए आरोप शिकायत/पुलिस रिपोर्ट के आधार पर हैं। आरोपितों को न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए जाने तक निर्दोष माना जाता है।

Share: