बीकानेर में साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क! 6 खातों में मिली लाख रुपये की लेनदेन

22 Aug 2026 BIKANER
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बीकानेर: बीकानेर साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी के मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी आम लोगों से धोखाधड़ी कर बैंक खाते हासिल करता था और इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए किया जाता था। जांच में आरोपी से जुड़े 6 बैंक खातों से देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज 17 साइबर अपराधों की शिकायतें जुड़ी मिली हैं। इन खातों में करीब 30 लाख रुपये की साइबर ठगी की रकम का लेनदेन सामने आया है।

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21 साल का युवक गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजेश प्रजापत (21) निवासी गली नंबर 2, रामपुरा बस्ती, लालगढ़, पुलिस थाना मुक्ताप्रसाद, बीकानेर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को साइबर ठगी से जुड़े बैंक खातों के मामले में गिरफ्तार किया है।

साइबर ठगी गिरोह के साथ मिलकर करता था काम

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने साइबर ठगी गिरोह के साथ मिलकर काम करने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार आरोपी साइबर ठगी से हासिल रकम को अलग-अलग बैंक खातों में प्राप्त करवाने और आगे ट्रांजेक्शन करवाने के लिए खाते उपलब्ध करवाता था।

पुलिस के मुताबिक साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के चलते आरोपी के खुद के बैंक खाते फ्रीज हो गए थे। इसके बाद उसने कथित रूप से दूसरे लोगों के बैंक खाते हासिल कर उनका इस्तेमाल शुरू कर दिया।

कमीशन के बदले साइबर अपराधियों को देता था खाते

जांच में सामने आया कि आरोपी अपने बैंक खातों के साथ-साथ कथित रूप से धोखाधड़ी से हासिल किए गए अन्य लोगों के बैंक खातों का भी साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में इस्तेमाल करता था।

पुलिस के अनुसार आरोपी इन बैंक खातों को साइबर ठगी गिरोह को उपलब्ध करवाता था। इन खातों को देश और विदेश में सक्रिय साइबर अपराधियों को कमीशन के बदले उपलब्ध कराने का आरोप है।

क्या होता है Mule Bank Account?

ऐसे बैंक खातों को साइबर अपराध की भाषा में म्यूल बैंक अकाउंट कहा जाता है। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम को प्राप्त करने और अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। इस मामले में पुलिस को भी ऐसे खातों के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं।

NCRP पोर्टल पर सामने आए 17 साइबर अपराध

पुलिस ने आरोपी से जुड़े बैंक खातों का NCRP पोर्टल पर विश्लेषण किया। जांच के दौरान 6 बैंक खातों से देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज 17 साइबर अपराधों की शिकायतें जुड़ी मिलीं।

इन शिकायतों में इन्वेस्टमेंट फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट सहित अन्य प्रकार के साइबर अपराध शामिल बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार इन 6 खातों में अब तक करीब 30 लाख रुपये की साइबर ठगी की रकम का लेनदेन सामने आया है।

30 लाख के ट्रांजेक्शन की जांच जारी

पुलिस अब इन बैंक खातों से जुड़े साइबर अपराधों और रकम के लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रकम किन खातों में गई और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं।

पुलिस की लोगों से खास अपील

बीकानेर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को पैसे के लालच में अपना बैंक खाता, दस्तावेज या फर्म न बेचें और न ही किराए पर दें। ऐसे खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध में होने पर खाताधारक भी कानूनी जांच के दायरे में आ सकता है।

पुलिस ने यह भी कहा कि अनजान WhatsApp या Telegram ग्रुप के कहने पर किसी अनधिकृत ऐप को डाउनलोड न करें और शेयर बाजार में निवेश के नाम पर भेजे गए संदिग्ध लिंक या ऐप से सावधान रहें।

साइबर ठगी हो तो तुरंत करें शिकायत

अगर किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। इसके अलावा ऑनलाइन शिकायत cybercrime.gov.in पर दर्ज की जा सकती है।

बीकानेर साइबर पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर दिखाया है कि साइबर ठगी में बैंक खातों का इस्तेमाल कितना अहम कड़ी बन चुका है। अब जांच का अगला कदम इस नेटवर्क से जुड़े अन्य साइबर अपराधियों तक पहुंचना है।

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