बीकानेर: जिले के राजकीय छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों की सुविधाओं और शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने ‘उन्नयन’ नवाचार शुरू किया है। इसी के तहत शनिवार को जिलेभर के करीब 20 राजकीय छात्रावासों में अधिकारियों की टीमें पहुंचीं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान विद्यार्थियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं और जरूरतें जानी गईं।
कलेक्टर अचानक पहुंचे छात्रावास
जिला कलेक्टर निशांत जैन ने एमएस कॉलेज के पास स्थित सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के डॉ. बी.आर. अंबेडकर राजकीय छात्रावास प्रथम का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, विद्यालय, रहने की व्यवस्था और शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।
इस दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों से उनके शैक्षणिक स्तर, रुचियों और भविष्य की योजनाओं को लेकर भी संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन करने, अपनी प्रतिभा को निखारने और लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने छात्रावास परिसर में पौधारोपण भी किया।
छात्रावासों की कमियां चिन्हित, तय हुई समयसीमा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने छात्रावासों में मौजूद व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया। जहां कमियां मिलीं, उन्हें चिन्हित कर संबंधित अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए गए। खास बात यह रही कि कमियों को दूर करने के लिए समय-सीमा भी निर्धारित की गई।
इन व्यवस्थाओं की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान छात्रावास भवन और मूलभूत सुविधाओं से लेकर विद्यार्थियों के आवास, भोजन और रसोई की स्थिति की जानकारी ली गई। इसके अलावा स्वच्छता, सुरक्षा, खेलकूद, मनोरंजन और विद्यार्थियों की अन्य आवश्यकताओं से जुड़ी व्यवस्थाओं का भी आकलन किया गया।
20 छात्रावासों में पहुंची अधिकारियों की टीमें
जिला कलेक्टर के निर्देश पर जिले के लगभग 20 राजकीय छात्रावासों का संबंधित उपखंड अधिकारियों और अन्य विभागीय अधिकारियों ने निरीक्षण किया। अधिकारियों ने छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों से संवाद कर जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
प्रशासन का उद्देश्य केवल भवन और सुविधाओं की स्थिति देखना नहीं, बल्कि छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के शैक्षणिक और सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान देना है।
विद्यार्थियों के आत्मविश्वास पर भी फोकस
‘उन्नयन’ नवाचार के तहत छात्रावासों में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर करने के साथ विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाने, उनकी शैक्षणिक स्थिति सुधारने और सह-शैक्षणिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है।
जिला कलेक्टर ने कहा कि राजकीय छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके साथ ही विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अब कमियों पर होगी कार्रवाई
निरीक्षण से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर प्रत्येक छात्रावास की प्रमुख कमियों को चिन्हित किया गया है। संबंधित अधिकारियों को इन कमियों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं और इसके लिए निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करने को कहा गया है।
प्रशासन का दावा है कि ‘उन्नयन’ के जरिए छात्रावासों की सुविधाओं में सुधार के साथ विद्यार्थियों के शैक्षणिक और सर्वांगीण विकास को नई गति देने का प्रयास किया जाएगा।
जिला कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एलडी पंवार भी मौजूद रहे।





