कांग्रेस में 500+ दावेदार, महापौर की रेस में कौन सबसे आगे? सामने आए बड़े नाम

26 Aug 2026 BIKANER
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बीकानेर नगर निगम चुनाव: कांग्रेस में महापौर की कुर्सी को लेकर घमासान, इन नामों पर चल रहा मंथन!

बीकानेर। नगर निगम चुनाव-2026 की नामांकन प्रक्रिया जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, बीकानेर की सियासत में टिकट को लेकर हलचल तेज होती जा रही है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दल जीताऊ चेहरों की तलाश में जुटे हैं। वहीं आम आदमी पार्टी और माकपा भी दोनों प्रमुख दलों से टिकट नहीं मिलने वाले दावेदारों पर नजर बनाए हुए हैं।

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भाजपा में जहां बड़ी संख्या में आवेदन आने से टिकट चयन की प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, वहीं कांग्रेस में सबसे ज्यादा चर्चा महापौर पद के संभावित चेहरों को लेकर हो रही है। खास बात यह है कि महापौर पद के लिए सामान्य वर्ग और अल्पसंख्यक समाज के दावेदारों के बीच राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी अंदरखाने मंथन चल रहा है।

कांग्रेस में 500 से ज्यादा आवेदन, टिकट को लेकर बढ़ी हलचल

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस को नगर निगम चुनाव के लिए अब तक 500 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें पूर्व पार्षदों के साथ-साथ पार्टी के विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी संभाल चुके कई नेता भी शामिल हैं। कई ऐसे दावेदार भी हैं जिनके पुराने वार्ड आरक्षित हो जाने के कारण वे दूसरे वार्डों से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

इसी बीच महापौर पद को लेकर कांग्रेस के भीतर संभावित चेहरों पर चर्चा तेज हो गई है। सामान्य वर्ग की सीट होने के कारण सामान्य वर्ग के दावेदार अपनी दावेदारी मजबूत बता रहे हैं, वहीं अल्पसंख्यक समाज की ओर से भी महापौर पद पर मजबूत दावा पेश किए जाने की चर्चा है।

इन चेहरों पर कांग्रेस लगा सकती है दांव

राजनीतिक सूत्रों की मानें तो कांग्रेस में महापौर पद के संभावित चेहरों को लेकर कई नाम चर्चा में हैं। इनमें बाबू जयशंकर जोशी का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। यदि वे स्वयं चुनाव मैदान में नहीं उतरते हैं तो उनकी पुत्री सविता जोशी को वार्ड 47 से चुनाव लड़ाकर महापौर पद के लिए आगे किए जाने की संभावना की चर्चा है।

इसके अलावा पूर्व पार्षद धर्मवीर नाहटा के वार्ड 75 से चुनाव लड़ने और महापौर पद के दावेदार के रूप में सामने आने की चर्चाएं हैं। वहीं पूर्व महापौर मकसूद अहमद, पूर्व उपमहापौर हारून राठौड़, पूर्व पार्षद मनीष पुरोहित नटसा, दिलीप बांठिया, आनंद सिंह सोढ़ा, अरविन्द मिढ्ढा और नवरतन डागा के नाम भी संभावित दावेदारों में बताए जा रहे हैं।

हालांकि इनमें से किसी भी नाम को लेकर पार्टी की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में अंतिम फैसला प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व और पार्टी की चुनावी रणनीति के आधार पर ही होगा।

हर वार्ड से भेजे जाएंगे तीन नाम

कांग्रेस ने टिकट चयन के लिए अपनी प्रक्रिया भी तय कर रखी है। प्राप्त आवेदनों की जिला कांग्रेस कमेटी स्तर पर जांच की जाएगी। इसके बाद प्रत्येक वार्ड से तीन-तीन संभावित उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजा जाएगा।

प्रदेश स्तर पर गठित तीन सदस्यीय समिति इन नामों पर चर्चा करेगी। इसके बाद राजनीतिक समीकरण, जीत की संभावना, स्थानीय पकड़ और अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अंतिम प्रत्याशी का चयन किया जाएगा।

इस प्रक्रिया के कारण फिलहाल स्थानीय स्तर पर किसी भी नाम को अंतिम मानना मुश्किल है। कई दावेदारों के बीच अंतिम समय तक मुकाबला बने रहने की संभावना है।

27 अगस्त को आ सकती है कांग्रेस की पहली सूची!

सबसे बड़ा सियासी सस्पेंस कांग्रेस की पहली सूची को लेकर बना हुआ है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी 27 अगस्त को अपनी पहली सूची जारी कर सकती है। पहली सूची में ऐसे वार्डों के नाम शामिल किए जाने की संभावना है जहां टिकट को लेकर ज्यादा विवाद नहीं है।

बताया जा रहा है कि करीब एक दर्जन नामों पर अंदरखाने चर्चा पूरी हो चुकी है और इन्हें प्रदेश स्तर पर भेजे जाने की तैयारी है। यदि 27 अगस्त को सूची जारी नहीं हो पाती है तो 28 अगस्त को सूची सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

भाजपा की सूची पर भी टिकी नजर

कांग्रेस के साथ-साथ भाजपा की संभावित सूची को लेकर भी राजनीतिक हलकों में उत्सुकता है। भाजपा में कई वार्डों में टिकट के लिए बड़ी संख्या में दावेदार सामने आए हैं। ऐसे में पार्टी के लिए मजबूत उम्मीदवार चुनना आसान नहीं होगा।

राजनीतिक जानकारों की नजर इस बात पर है कि दोनों प्रमुख दल किस सामाजिक और राजनीतिक समीकरण को ध्यान में रखकर प्रत्याशियों का चयन करते हैं। क्योंकि नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण का सीधा असर चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है।

महापौर की कुर्सी पर किसका दांव सफल होगा?

बीकानेर नगर निगम चुनाव में पार्षदों की टिकट के साथ सबसे बड़ा सवाल महापौर पद को लेकर है। कांग्रेस के सामने जहां कई अनुभवी चेहरों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है, वहीं भाजपा भी मजबूत चेहरे उतारने की रणनीति पर काम कर रही है।

फिलहाल कांग्रेस में कई नाम चर्चा में जरूर हैं, लेकिन अंतिम तस्वीर पार्टी की आधिकारिक सूची सामने आने के बाद ही साफ होगी। अब सवाल यही है कि 500 से ज्यादा दावेदारों के बीच कांग्रेस किन चेहरों पर भरोसा जताएगी और महापौर की कुर्सी के लिए किसे सबसे मजबूत दावेदार बनाएगी?

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