बीकानेर: शहर के श्रीरामसर क्षेत्र में हर्षोलाव तालाब के पास अवैध खनन की शिकायत पर पुलिस और माइंस विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की है। कार्रवाई के दौरान मौके से दो जेसीबी मशीन और तीन ट्रैक्टर जब्त किए गए। मौके पर खनन गतिविधियां चलने के साथ मिट्टी निकालकर उसका परिवहन किया जा रहा था।
शिकायत के बाद मौके पर पहुंची माइंस विभाग की टीम
जानकारी के अनुसार माइंस विभाग के इंजीनियर रमेश गहलोत सबसे पहले मौके पर पहुंचे। वहां एक ट्रैक्टर खनन स्थल से निकाली गई मिट्टी को लेकर जाता हुआ दिखाई दिया। ड्राइवर से पूछताछ की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नयाशहर पुलिस को मौके पर बुलाया गया।
मौके पर चल रही थी खनन गतिविधि
पुलिस और माइंस विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर खनन स्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान वहां खनन गतिविधियां चलती मिलीं। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए दो जेसीबी मशीन और तीन ट्रैक्टर जब्त कर लिए।
पुलिस के अनुसार खनन सामग्री के परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे ट्रैक्टरों को भी सीज किया गया है। अब इन वाहनों के दस्तावेज और खनन से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
एसपी ने बताई कार्रवाई की वजह
बीकानेर एसपी मृदुल कच्छावा के अनुसार अवैध खनन में इस्तेमाल हो रही मशीनों और खनन सामग्री का परिवहन कर रहे ट्रैक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस और माइंस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके से मशीनों और वाहनों को जब्त किया है।
कलेक्टर के निर्देश पर जमीन की जांच शुरू
जिला कलेक्टर के निर्देश पर नायब तहसीलदार और संबंधित पटवारी भी मौके पर पहुंचे। प्रशासन की टीम अब क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और जमीन की प्रकृति की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि जिस जमीन पर खनन किया जा रहा था, उसका मालिकाना हक किसके पास है।
निजी जमीन होने पर भी बिना अनुमति खनन नहीं
अधिकारियों के अनुसार जमीन निजी हो या किसी अन्य श्रेणी की, वैध अनुमति के बिना खनन करना कानूनन अनुमति योग्य नहीं है। इसी आधार पर पुलिस, प्रशासन और माइंस विभाग द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या हर्षोलाव तालाब की आगोर में हो रहा था खनन?
प्रारंभिक जानकारी में खनन का स्थान हर्षोलाव तालाब की आगोर का क्षेत्र बताया जा रहा है। हालांकि यह क्षेत्र वास्तव में तालाब की आगोर में आता है या नहीं और जमीन की वास्तविक प्रकृति क्या है, यह प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल दो JCB और तीन ट्रैक्टर जब्त होने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। अब प्रशासनिक जांच से यह साफ होगा कि जमीन किसकी है, खनन के लिए कोई अनुमति थी या नहीं और यदि यह तालाब की आगोर का क्षेत्र है तो यहां खनन कैसे शुरू हुआ।





