14 सितंबर को गणेश स्थापना, इसी दिन खुलेगा चुनावी राज; जीत-हार का फैसला भी होगा
राजस्थान। गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर राजस्थान में तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। प्रदेश के प्रसिद्ध गणेश मंदिरों में श्रृंगार, रोशनी और सजावट का काम चल रहा है। बाजारों में भी इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं की दुकानें सज गई हैं। इस बार गणेश चतुर्थी का पर्व एक खास वजह से भी चर्चा में रहेगा, क्योंकि 14 सितंबर 2026 को गणेश स्थापना के साथ ही चुनावी मतगणना की तैयारियां भी अंतिम दौर में रहेंगी। इसी दिन तय होगा कि चुनावी मैदान में किसके पक्ष में जीत का तिलक लगेगा और किसे हार का सामना करना पड़ेगा।
14 सितंबर को गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त
पंचांग और ज्योतिषाचार्यों के अनुसार गणेश चतुर्थी की तिथि 14 सितंबर 2026 को सुबह 7:06 बजे से शुरू होगी। यह तिथि 15 सितंबर 2026 को सुबह 7:44 बजे समाप्त होगी।
गणेश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त 14 सितंबर को सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक बताया गया है। इस दौरान श्रद्धालु विधि-विधान से भगवान गणेश की स्थापना कर पूजा-अर्चना करेंगे।
मंदिरों में सजावट और रोशनी का काम जारी
गणेश चतुर्थी को लेकर राजस्थान के विख्यात गणेश मंदिरों में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर परिसरों को सजाया जा रहा है। रंग-बिरंगी रोशनी, आकर्षक श्रृंगार और अन्य सजावट का काम जारी है। पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिरों में पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं।
बाजार में सजी इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं की दुकानें
गणेश चतुर्थी से पहले बाजारों में भी रौनक दिखाई देने लगी है। अलग-अलग आकार और आकर्षक रूप वाली गणेश प्रतिमाओं की दुकानें सज गई हैं। इस बार इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं पर भी विशेष जोर दिखाई दे रहा है। श्रद्धालु अपनी पसंद के अनुसार प्रतिमाएं खरीदकर घरों और सार्वजनिक स्थानों पर गणेश स्थापना की तैयारी कर रहे हैं।
इसी दिन चुनावी मतगणना पर भी रहेगी नजर
गणेश चतुर्थी के साथ 14 सितंबर की तारीख राजस्थान के चुनावी लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। चुनाव के बाद मतगणना की तैयारियां की जा रही हैं। मतगणना के दिन यह तस्वीर साफ हो जाएगी कि चुनावी मैदान में किस प्रत्याशी को जीत मिली और किसे हार का सामना करना पड़ा।
चुनावी नतीजों को लेकर राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों में भी उत्सुकता बनी हुई है। मतदान के बाद से ही अलग-अलग क्षेत्रों में जीत-हार के कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला मतगणना के बाद ही सामने आएगा।
एक ही दिन आस्था और फैसले का माहौल
14 सितंबर का दिन राजस्थान में अलग-अलग भावनाओं से जुड़ा नजर आएगा। एक तरफ घरों और मंदिरों में भगवान गणेश की स्थापना होगी, वहीं दूसरी ओर चुनावी मतगणना के दौरान प्रत्याशियों और समर्थकों की निगाहें नतीजों पर टिकी रहेंगी। कहीं पूजा की तैयारियां होंगी तो कहीं जीत के जश्न और हार की समीक्षा का माहौल बन सकता है।
जिंदगी की तरह राजनीति में भी हार और जीत के साथ उतार-चढ़ाव चलते रहते हैं। चुनाव में किसी के लिए 14 सितंबर नई राजनीतिक शुरुआत लेकर आएगा तो किसी को अगले मुकाबले के लिए फिर से तैयारी करनी होगी।
25 सितंबर को गणेश विसर्जन
गणेश चतुर्थी के बाद गणपति विसर्जन का दौर चलेगा। पंचांग के अनुसार गणेश विसर्जन यानी अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को होगी। इस दिन श्रद्धालु विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा के बाद प्रतिमा का विसर्जन करेंगे।
राजस्थान में मेले-मगरियों का भी दौर
गणेश चतुर्थी के साथ राजस्थान में धार्मिक आस्था और मेलों का दौर भी जारी है। बाबा रामदेवजी और पूनरासर बाबा के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर पहुंचने वाले भक्तों के कारण मेले और धार्मिक आयोजनों में भी रौनक देखने को मिल रही है।
इस तरह सितंबर का यह दौर राजस्थान में एक साथ कई रंग लेकर आया है—एक तरफ धार्मिक आस्था और गणपति उत्सव, दूसरी तरफ मेलों की रौनक और इसी बीच चुनावी नतीजों को लेकर बढ़ती उत्सुकता।
गणेश चतुर्थी 2026: प्रमुख तारीखें
| कार्यक्रम | तारीख/समय |
|---|---|
| चतुर्थी तिथि आरंभ | 14 सितंबर 2026, सुबह 7:06 बजे |
| गणेश स्थापना मुहूर्त | 14 सितंबर, सुबह 11:02 से दोपहर 1:31 बजे तक |
| चतुर्थी तिथि समाप्त | 15 सितंबर 2026, सुबह 7:44 बजे |
| गणेश विसर्जन/अनंत चतुर्दशी | 25 सितंबर 2026, शुक्रवार |





