बीडी कल्ला की अफसरों को चेतावनी, बोले- सरकार बदली तो होगी कार्रवाई

20 Sep 2026 BIKANER
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बीडी कल्ला की अफसरों को चेतावनी, बोले- सरकार बदली तो होगी कार्रवाई

बीकानेर। राजस्थान में नगरीय निकाय प्रमुखों के चुनाव के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। शनिवार को जैसलमेर में पत्रकार वार्ता के दौरान कल्ला ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी निकाय चुनाव में अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों पर नजर रखी जा रही है और सत्ता परिवर्तन होने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कल्ला ने कहा कि यदि किसी अधिकारी को राजनीति करनी है तो वह नौकरी छोड़कर राजनीतिक मैदान में आए। उनके अनुसार सरकारी पद पर रहते हुए किसी राजनीतिक दल के पक्ष में काम करना प्रशासनिक निष्पक्षता के अनुरूप नहीं है।

पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाने का आरोप

कल्ला ने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव के दौरान पुलिस, प्रशासन और सरकारी एजेंसियों के जरिए कांग्रेस समर्थित पार्षदों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष रहनी चाहिए और पद के दुरुपयोग से जुड़ी शिकायतों पर निर्वाचन आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए।

जैसलमेर में ठहरे हैं बीकानेर के कांग्रेस पार्षद

कल्ला ने बताया कि बीकानेर नगर निगम के नवनिर्वाचित कांग्रेस पार्षद जैसलमेर के एक होटल में ठहरे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां पुलिसकर्मी बिना सर्च वारंट पहुंचे और पार्षदों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया। कल्ला ने इसे पार्षदों की निजता से जुड़ा मामला बताते हुए राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत पर कार्रवाई की मांग की।

कल्ला ने दावा किया कि प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी कांग्रेस पार्षदों पर दबाव बनाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि निकाय प्रमुखों के चुनाव में पार्षदों को स्वतंत्र रूप से मतदान करने का अवसर मिलना चाहिए।

मनोज बिश्नोई के होटल का नोटिस भी उठाया

कल्ला ने बीकानेर में कांग्रेस से जुड़े नवनिर्वाचित पार्षद मनोज बिश्नोई के रानी बाजार स्थित होटल शौर्य 3.0 को जारी प्रशासनिक नोटिस का मुद्दा भी उठाया। बीकानेर विकास प्राधिकरण की ओर से होटल को अंतिम नोटिस जारी किया गया है, जिसमें होटल के संचालन और दस्तावेजों से संबंधित आपत्तियां बताई गई हैं।

कांग्रेस ने इस कार्रवाई को चुनाव से पहले दबाव बनाने की कार्रवाई बताया है। वहीं, उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार नोटिस प्रशासनिक कार्रवाई के तौर पर जारी किया गया है।

निकाय चुनाव के बीच बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी

राजस्थान में निकाय चुनाव के बाद कई नगर निगमों, नगर परिषदों और नगरपालिकाओं में महापौर एवं सभापति पद के चुनाव होने हैं। इसी बीच कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अपने पार्षदों को अलग-अलग स्थानों पर ठहराया है। बीकानेर में भी महापौर चुनाव को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।

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