भीखाराम नायक की मौत पर बवाल, गिरफ्तारी की मांग पर शव के पास धरना
बज्जू। रणजीतपुरा थाना क्षेत्र में भीखाराम नायक की मौत का मामला गंभीर होता जा रहा है। मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस थाने में नामजद शिकायत दी है। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं, शव अभी मौके पर है और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण व समाज के लोग शव के पास धरने पर बैठे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा। घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
मृतक के भाई ने पुलिस को दी शिकायत
मृतक के भाई मामराज नायक, निवासी रणजीतपुरा, की ओर से थाना अधिकारी को दिए लिखित आवेदन के अनुसार भीखाराम नायक खेत मालिक ओमप्रकाश बिश्नोई के खेत में मूंगफली की फसल की खेती का काम करता था।
शिकायत के अनुसार, 7 सितंबर की रात करीब 12 बजे भीखाराम ने फोन कर बताया कि खेत मालिक ओमप्रकाश बिश्नोई की पत्नी नेनू देवी, उनके पुत्र रवि बिश्नोई और पुत्री रामकुमारी उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। शिकायत में जातिसूचक और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया गया है।
फोन पर परिवार से मांगी मदद
मृतक के भाई के अनुसार, भीखाराम ने फोन पर परिवार के लोगों से मदद मांगी और कहा कि उसे बचा लिया जाए, वरना उसे जान से मार दिया जाएगा। इसके बाद वह जान बचाने के लिए खेत के पड़ोसी के घर की तरफ चला गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पड़ोसी के घर से अपने घर की ओर जाते समय रवि बिश्नोई और अन्य लोग उसके पीछे आए तथा उसके साथ मारपीट की। इसके बाद उसे नहर के पास झाड़ियों में फेंकने का आरोप लगाया गया है।
रात करीब दो बजे झाड़ियों में मिला भीखाराम
परिजनों के मुताबिक, रात करीब दो बजे मामराज, चेनाराम और दुलाराम मौके पर पहुंचे। वहां भीखाराम नहर के पास झाड़ियों में मिला। इसके बाद परिजनों ने पुलिस प्रशासन को सूचना दी।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब परिजनों ने खेत मालिक से घटना के संबंध में बात की तो उन्हें धमकाया गया और जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया। पुलिस के मौके पर पहुंचने के दौरान आरोपी पक्ष के एक व्यक्ति के वाहन लेकर वहां से चले जाने का भी शिकायत में उल्लेख किया गया है।
एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग
मृतक के भाई ने पुलिस से हत्या के आरोप में मामला दर्ज करने तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में कार्रवाई करने की मांग की है। परिजनों ने नामजद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की है।
शव के पास सैकड़ों ग्रामीणों का धरना
घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और समाज के लोग शव के पास धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा। इसको लेकर मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी मौत की वजह
मृतक के परिजनों की ओर से लगाए गए हत्या और मारपीट के आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच से भीखाराम नायक की मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।
फिलहाल पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि भीखाराम नायक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। जांच और पुलिस कार्रवाई के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।





