बीकानेर बॉर्डर से 50 करोड़ की हेरोइन-हथियार खेप का खुलासा, पाकिस्तान-दुबई-पंजाब कनेक्शन बेनकाब
बीकानेर। जिले के खाजूवाला अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में ड्रोन के जरिए गिराई गई करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की अफगानी हेरोइन और विदेशी हथियारों की खेप मामले में अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क के तार पाकिस्तान, अफगानिस्तान, दुबई, पंजाब और राजस्थान तक फैले हुए हैं।
आईजी ओमप्रकाश और बीकानेर एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 10.999 किलोग्राम अफगानी हेरोइन, 11 विदेशी पिस्टल, 22 मैगजीन और 100 कारतूस बरामद किए थे। मामले में पाली निवासी वीरेंद्र सिंह राजपुरोहित को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह खेप पंजाब भेजी जानी थी।
पंजाब जेल से संचालित हो रहा था नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार पूरे तस्करी नेटवर्क का संचालन पंजाब की जेल में बंद विक्की उर्फ विक्रम कर रहा था। उसके पाकिस्तान में बैठे तस्करों और हैंडलरों से सीधे संपर्क थे। मादक पदार्थों की खेप के बदले भुगतान दुबई स्थित सहयोगियों के जरिए हवाला नेटवर्क से पाकिस्तान पहुंचाया जाता था।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि मामले की गहन जांच के लिए केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और पंजाब पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। हवाला के जरिए भेजी गई रकम और पूरे नेटवर्क की अन्य कड़ियों की भी जांच की जा रही है।
राजस्थान और पंजाब में फैला नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह ने राजस्थान और पंजाब में युवाओं का संगठित नेटवर्क तैयार कर रखा था। आर्थिक लालच देकर उन्हें 'कुरियर बॉय' बनाया जाता था, जो सीमा से मादक पदार्थ और हथियार उठाकर तय स्थान तक पहुंचाते थे। गिरफ्तार आरोपी वीरेंद्र सिंह को एक खेप पहुंचाने के लिए 50 हजार रुपये मिलने थे।
अप्रैल की बरामदगी से भी जुड़े तार
पुलिस के अनुसार अप्रैल में पूगल थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना के बाद एक स्कूटी से 14 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई थी। इस मामले में ग्वालियर निवासी राहुल रावत और प्रशांत पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि मुख्य आरोपी राकेश प्रजापत अभी फरार है।
पुलिस की सात विशेष टीमें मुख्य आरोपियों और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं। जांच में अब तक जोधपुर, नागौर और पाली जिलों तक नेटवर्क के तार जुड़ने की बात सामने आई है। पुलिस का अनुमान है कि इस गिरोह में 20 से 25 सदस्य सक्रिय हैं और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए कार्रवाई जारी है।




