बीकानेर, 5 अगस्त. क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन और निजी स्वास्थ्य संस्थानों में निर्धारित मानकों की पालना सुनिश्चित करने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. पुखराज साध के नेतृत्व में गठित टीम ने शहर के चार निजी लैब एवं डायग्नोस्टिक सेंटरों का औचक निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान एक अपंजीकृत लैब को तत्काल बंद कराया गया, जबकि दो अन्य सेंटरों में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर मामला जिला स्तरीय समिति को भेजा गया है।
निरीक्षण दल में खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीकानेर डॉ. सुनील कुमार जैन, खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी पूगल डॉ. मुकेश मीणा तथा जिला पीसीपीएनडीटी समन्वयक महेंद्र सिंह चारण शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान पटेल नगर स्थित ग्लोबल लैब एंड डायग्नोस्टिक सेंटर क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत अपंजीकृत पाया गया। संचालक वैध पंजीकरण प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद टीम ने तत्काल प्रभाव से लैब का संचालन बंद करवा दिया।
वहीं आरडी लैब एंड डायग्नोस्टिक सेंटर में डिग्रीधारी एवं प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारी उपलब्ध नहीं मिले। साथ ही बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमों के उल्लंघन की भी पुष्टि हुई।
विनायक लैब एंड डायग्नोस्टिक सेंटर में एईआरबी (Atomic Energy Regulatory Board) का आवश्यक लाइसेंस उपलब्ध नहीं मिला। इसके अलावा एक्स-रे सेवाओं के संचालन में निर्धारित सुरक्षा मानकों की पालना भी संतोषजनक नहीं पाई गई।
हालांकि उज्जीवन लैब एंड डायग्नोस्टिक सेंटर में निरीक्षण के दौरान सभी आवश्यक पंजीकरण, लाइसेंस और गुणवत्ता संबंधी मानकों की पालना संतोषजनक पाई गई।
सीएमएचओ डॉ. पुखराज साध ने बताया कि निरीक्षण में सामने आए सभी मामलों को जिला स्तरीय क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले के सभी निजी लैब एवं डायग्नोस्टिक सेंटरों के लिए वैध पंजीकरण और निर्धारित गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलेभर में ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे। साथ ही निजी स्वास्थ्य संस्थानों से अपने सभी लाइसेंस, पंजीकरण और वैधानिक मानकों की नियमित पालना सुनिश्चित करने की अपील की गई है।




