कांग्रेस की बाड़ाबंदी में हंगामा! 5 पार्षद नहीं पहुंचे तो नवरत्न डागा ने उठाए सवाल, आलाकमान तक पहुंची नाराजगी
बीकानेर। नगर निगम चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल करने के बाद अब कांग्रेस में बोर्ड बनाने और महापौर चुनने को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच कांग्रेस की बाड़ाबंदी को लेकर नवनिर्वाचित पार्षद नवरत्न डागा की नाराजगी सामने आई है। बाड़ाबंदी में पांच पार्षदों के नहीं पहुंचने को लेकर डागा ने वरिष्ठ नेताओं से सवाल किए। उनकी नाराजगी की बात कांग्रेस आलाकमान तक पहुंचने की चर्चा है।
5 पार्षद बाड़ाबंदी में नहीं पहुंचे तो उठे सवाल
कांग्रेस ने अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए बाड़ाबंदी शुरू की थी। शुरुआती दौर में पांच पार्षदों के बाड़ाबंदी में नहीं पहुंचने की बात सामने आई। इसे लेकर नवरत्न डागा ने वरिष्ठ नेताओं के सामने सवाल उठाए। घटनाक्रम के बाद कांग्रेस संगठन में भी हलचल बढ़ गई।
हालांकि बाद में बाड़ाबंदी में शामिल होने से बाकी बचे सभी कांग्रेसी पार्षद भी पहुंच गए। पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के नेतृत्व में पार्षदों को बीकानेर से रवाना किया गया।
42 कांग्रेस पार्षदों के साथ 6 निर्दलीय भी बाड़ाबंदी में
कांग्रेस ने अपने 42 पार्षदों के साथ छह निर्दलीय पार्षदों को भी बाड़ाबंदी में शामिल किया है। सभी पार्षदों को बीकानेर से पहाड़ों की ओर रवाना किए जाने की जानकारी सामने आई है। कांग्रेस अब बोर्ड गठन तक अपने पार्षदों को एकजुट रखने की कोशिश में जुटी है।
भाजपा के पार्षद भी किए गए शिफ्ट
दूसरी ओर भाजपा ने भी अपने नवनिर्वाचित पार्षदों को एकजुट रखने की कवायद शुरू कर दी है। भाजपा के पार्षदों को जोधपुर से अन्यत्र शिफ्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है।
कांग्रेस में सेंधमारी के आरोप
कांग्रेस खेमे की ओर से भाजपा पर पार्षदों में सेंधमारी के प्रयास के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। बहुमत के बावजूद कांग्रेस नेतृत्व किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। यही वजह है कि पार्टी ने अपने पार्षदों की बाड़ाबंदी कर उन्हें एक साथ रखा है।
महापौर की रेस ने बढ़ाई सियासी हलचल
नगर निगम में कांग्रेस के पास बहुमत होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल महापौर के नाम को लेकर है। पार्टी में कई नामों पर चर्चा चल रही है। इसी बीच पार्षदों की बाड़ाबंदी और राजनीतिक गतिविधियों ने महापौर चुनाव को लेकर सस्पेंस और बढ़ा दिया है।
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या पूर्ण बहुमत मिलने के बावजूद कांग्रेस आसानी से बीकानेर नगर निगम में अपना बोर्ड बना पाएगी और महापौर की कुर्सी पर अपना प्रत्याशी बैठा पाएगी? आने वाले दिनों में इसको लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।




