बीकानेर में अस्पताल में ग्लूकोज चढ़ते वक्त खाते से लाखों के ट्रांजेक्शन, फोन हैंग होते ही फिर उड़ाए 79,800 रुपए
बीकानेर: नयाशहर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति के बैंक खातों से उसकी अनुमति के बिना ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित के अनुसार बीमारी के दौरान अस्पताल में ग्लूकोज की ड्रिप लगने के बीच उसके मोबाइल और बैंक खातों से लगातार संदिग्ध लेनदेन हुए। मामले में नयाशहर थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्लूकोज की ड्रिप लग रही थी, तभी बैंक से आया फोन
जनता प्याऊ के पास श्रीरामसर रोड निवासी इमरान अली शाही ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि वह कई दिनों से टाइफाइड से पीड़ित था। तबीयत खराब होने के कारण उसे सुबह-शाम ग्लूकोज की ड्रिप लग रही थी। इसी दौरान उसके बैंक खाते से संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन शुरू हो गए।
रिपोर्ट के अनुसार 24 अगस्त की शाम इमरान की ग्लूकोज की ड्रिप लगी हुई थी। इसी दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से उसे फोन आया और बताया गया कि उसके खाते से 45 हजार रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ है। इमरान ने बैंक कर्मचारी को बताया कि उसने ऐसा कोई ट्रांजेक्शन नहीं किया है। इसके बाद बैंक की ओर से उसका खाता फ्रीज कर दिया गया। उस समय तबीयत खराब होने के कारण वह पूरे मामले पर ज्यादा ध्यान नहीं दे सका।
एसबीआई खाते से BOB खाते में ट्रांसफर हुए 95 हजार
पीड़ित के अनुसार 26 अगस्त को तबीयत में सुधार होने के बाद जब उसने मोबाइल से ऑनलाइन भुगतान करने का प्रयास किया तो पेमेंट फेल हो गया। इसके बाद उसने फोन-पे की जांच की तो उसे अपने बैंक खातों से हुए संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली।
रिपोर्ट के मुताबिक उसके SBI खाते से उसकी अनुमति के बिना 95 हजार रुपए उसके ही दूसरे बैंक ऑफ बड़ौदा खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इसके बाद इमरान बैंक ऑफ बड़ौदा की नत्थूसर गेट और गोकुल सर्किल शाखा पहुंचा तथा खाते का स्टेटमेंट निकलवाया।
95 हजार में से 65 हजार भाभी के खाते में पहुंचे
स्टेटमेंट देखने पर इमरान को पता चला कि SBI खाते से ट्रांसफर हुई 95 हजार रुपए की रकम में से 10 हजार रुपए का GPay वाउचर खरीदा गया था। वहीं 65 हजार रुपए उसकी भाभी के SBI खाते में ट्रांसफर किए गए। शेष रकम उसके बैंक ऑफ बड़ौदा खाते में होने की जानकारी सामने आई।
फोन हैंग हुआ और फिर 79,800 रुपए के ट्रांजेक्शन
पीड़ित के अनुसार जब वह बैंक से मिली जानकारी को समझ ही रहा था, उसी दौरान उसका मोबाइल फोन अचानक हैंग हो गया। करीब 15 मिनट बाद फोन सामान्य हुआ तो उसने दोबारा अपने बैंक खातों की जांच की। तब उसे पता चला कि उसके खाते से अलग-अलग खातों में फिर कुल 79,800 रुपए के ट्रांजेक्शन किए जा चुके थे।
लगातार हो रहे संदिग्ध लेनदेन से घबराकर इमरान सीधे नयाशहर थाने पहुंचा। पुलिस ने उसे साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। पीड़ित ने 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के साथ संबंधित बैंक में भी शिकायत की।
साइबर सेल में भी दी पूरी जानकारी
इसके बाद बैंक अधिकारियों ने पीड़ित को यातायात थाने के ऊपर स्थित साइबर सेल में जाने की सलाह दी। इमरान साइबर सेल पहुंचा और अधिकारियों को पूरी घटना की जानकारी दी। पीड़ित का आरोप है कि उसकी अनुमति के बिना उसके बैंक खातों से रकम निकालकर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई।
पैसे वापस मिलने का इंतजार
इमरान ने बताया कि साइबर सेल में उसे कार्रवाई के बाद करीब छह-सात दिन में रकम वापस मिलने की संभावना बताई गई थी। हालांकि शिकायत के बाद भी अभी तक उसकी रकम वापस नहीं मिली है। पीड़ित ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर जल्द से जल्द रकम वापस दिलाने की मांग की है।
नयाशहर थाना पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। प्रकरण की जांच एएसआई कृष्ण कुमार को सौंपी गई है। पुलिस संदिग्ध ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, बैंक खातों और डिजिटल भुगतान से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस जांच जारी: बैंक खातों से रकम ट्रांसफर होने और साइबर धोखाधड़ी के आरोप पीड़ित की रिपोर्ट पर आधारित हैं। वास्तविक घटनाक्रम और लेनदेन में शामिल लोगों की भूमिका पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।





