बीकानेर। गंगाशहर थाना क्षेत्र में प्रेम विवाह के बाद एक अधिवक्ता ने अपनी पत्नी के कथित अपहरण, मारपीट, लूट और ऑनर किलिंग की धमकी का गंभीर मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रेम विवाह के बाद हाईकोर्ट से मांगी थी सुरक्षा
पुलिस के अनुसार गोडू निवासी राकेश कुमार विश्नोई ने रिपोर्ट में बताया कि वह वर्ष 2019 से जिला एवं सत्र न्यायालय बीकानेर में अधिवक्ता के रूप में कार्यरत है। उसकी जान-पहचान गंगाशहर निवासी मनीषा विश्नोई से हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। परिवार की असहमति के बावजूद दोनों ने 20 जुलाई को जोधपुर स्थित आर्य समाज मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया।
रिपोर्ट के अनुसार विवाह के बाद दोनों ने जान का खतरा बताते हुए राजस्थान हाईकोर्ट से सुरक्षा की मांग की थी। अदालत ने पुलिस को दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए थे।
ट्रेन में चढ़कर मारपीट और लूट का आरोप
परिवादी के अनुसार 24 जुलाई को दोनों जोधपुर से जम्मू तवी एक्सप्रेस से बीकानेर लौट रहे थे। आरोप है कि रात करीब 11 बजे नोखा रेलवे स्टेशन पर मनीषा के परिजन और 15-20 अन्य लोग ट्रेन में चढ़ गए। उन्होंने दोनों के साथ मारपीट की तथा 70 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन, विवाह प्रमाण पत्र, हाईकोर्ट के आदेश की प्रति, आधार कार्ड, शैक्षणिक दस्तावेज और आभूषणों से भरे बैग लूट लिए।
पत्नी को जबरन ले जाने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि देशनोक रेलवे स्टेशन पर दोनों को जबरन ट्रेन से उतारकर अलग-अलग वाहनों में बैठाया गया। इसके बाद परिवादी को गंगाशहर क्षेत्र में छोड़ दिया गया, जबकि उसकी पत्नी को अपने साथ ले जाया गया।
ऑनर किलिंग की आशंका जताई
परिवादी ने पुलिस को दी रिपोर्ट में आशंका जताई है कि आरोपी उसकी पत्नी के साथ ऑनर किलिंग जैसी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। साथ ही उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की भी आशंका व्यक्त की गई है।
इन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने परिवादी की रिपोर्ट के आधार पर अनिल पुत्र जगदीश, मुकेश पुत्र सीताराम, सुभाष पुत्र मनफूलराम, सुनील पुत्र रामूराम, दिनेश पुत्र मनफूलराम, सीताराम पुत्र मनफूलराम तथा राजाराम बिश्नोई के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। मामले की जांच एएसआई मदनलाल को सौंपी गई है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी हुई है।




