बीकानेर मेयर की कुर्सी पर 9 दावेदार, 4 खेमों में बंटी कांग्रेस; रायशुमारी के बाद तय होगा नाम
बीकानेर। नगर निगम चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल करने के बाद कांग्रेस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती मेयर का नाम तय करना है। 42 पार्षदों के साथ बोर्ड बनाने की स्थिति में पहुंची कांग्रेस में अभी तक किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई है। पार्टी के अंदर मेयर पद को लेकर अलग-अलग खेमों में दावेदारी सामने आ रही है।
पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने भी मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया है कि स्थानीय स्तर पर एक नाम तय नहीं हो पा रहा है। ऐसे में अब प्रभारी और पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में रायशुमारी कराई जाएगी। इसके बाद कांग्रेस हाईकमान मेयर के नाम पर अंतिम मुहर लगाएगा।
मेयर की रेस में 9 चेहरे, चार खेमों में मुकाबला
सूत्रों के अनुसार मेयर पद के लिए दावेदारों की संख्या लंबी है, लेकिन पार्टी के भीतर मुख्य रूप से चार अलग-अलग खेमों की पसंद सामने आ रही है। हर खेमा अपने पसंदीदा चेहरे को मेयर बनाने की पैरवी कर रहा है।
1. कल्ला खेमा: अनिल कल्ला को आगे करने की मांग
पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला के भतीजे अनिल कल्ला का नाम मेयर की रेस में प्रमुखता से बताया जा रहा है। इस खेमे की दलील है कि अनिल कल्ला को मेयर बनाने से ब्राह्मण वोट बैंक को साधने में मदद मिल सकती है और इसका असर आगामी 2028 के विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिल सकता है।
कल्ला परिवार के समर्थन में कांग्रेस का एक बड़ा पक्ष भी बताया जा रहा है। यही वजह है कि अनिल कल्ला की दावेदारी को फिलहाल मजबूत माना जा रहा है।
2. अल्पसंख्यक खेमा: अब मेयर पद देने की मांग
दूसरे खेमे की ओर से अल्पसंख्यक वर्ग को मेयर पद देने की पैरवी की जा रही है। इस खेमे का तर्क है कि जिलाध्यक्ष पद से अल्पसंख्यक वर्ग को मौका नहीं मिलने के बाद अब मेयर पद के जरिए प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए।
इस खेमे से पूर्व मेयर मकसूद अहमद और लगातार मजबूत जीत दर्ज करने वाले जावेद पडिहार के नाम चर्चा में हैं। दोनों नेताओं को लेकर पार्टी के भीतर अलग-अलग स्तर पर समर्थन की बात सामने आ रही है।
3. वैश्य खेमा: व्यापारी चेहरे पर दांव की पैरवी
तीसरा खेमा वैश्य समाज से मेयर बनाने की पैरवी कर रहा है। इस खेमे में नवरतन डागा, धर्मवीर नाहटा और दिलीप बांठिया के नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं। समर्थकों का मानना है कि व्यापारी वर्ग को प्रतिनिधित्व देने से पार्टी के सामाजिक समीकरण को मजबूती मिल सकती है।
4. चौथा खेमा: इन चेहरों पर भी नजर
मेयर की रेस में चौथे खेमे की ओर से भी कई नाम सामने आए हैं। पंजाबी समाज से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरविंद मिड्ढा के भाई अश्विनी मिड्ढा का नाम चर्चा में है। इसके अलावा मनोज बिश्नोई और चेतना चौधरी भी दावेदारों की सूची में बताए जा रहे हैं।
2028 के विधानसभा चुनाव पर भी नजर
मेयर पद का फैसला केवल नगर निगम के बोर्ड तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। कांग्रेस हाईकमान बीकानेर के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए फैसला कर सकता है। खासतौर पर 2028 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए जातीय और वर्गीय समीकरण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि रायशुमारी में कांग्रेस के 42 पार्षद किस नाम पर सहमति जताते हैं और हाईकमान आखिर किस चेहरे पर भरोसा करता है। मेयर का नाम तय होते ही बीकानेर कांग्रेस के भीतर चल रही खेमेबाजी और सियासी समीकरणों की तस्वीर भी काफी हद तक साफ हो जाएगी।
मेयर की रेस में चर्चा में नाम: अनिल कल्ला, मकसूद अहमद, जावेद पडिहार, नवरतन डागा, धर्मवीर नाहटा, दिलीप बांठिया, अश्विनी मिड्ढा, मनोज बिश्नोई और चेतना चौधरी।




