बीकानेर। बीकानेर नगर निगम चुनाव में प्रचार का शोर सोमवार शाम 5 बजे थम जाएगा। प्रचार के अंतिम दिन प्रत्याशी रैलियों, जनसंपर्क और शक्ति प्रदर्शन के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। शाम 5 बजे के बाद सार्वजनिक रैलियां, सभाएं, लाउडस्पीकर, माइक और डीजे के जरिए चुनाव प्रचार नहीं किया जा सकेगा। हालांकि प्रत्याशी घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर सकेंगे।
अंतिम दिन रैलियों से होगा शक्ति प्रदर्शन
प्रचार के अंतिम दौर में भाजपा, कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रत्याशी मतदाताओं तक पहुंचने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। चुनाव प्रचार में महिलाओं की भी सक्रिय भागीदारी नजर आ रही है। कई इलाकों में महिलाएं समूह बनाकर घर-घर पहुंच रही हैं और प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान की अपील कर रही हैं।
सोमवार को प्रचार समाप्त होने से पहले शहर के अलग-अलग इलाकों में प्रत्याशियों की रैलियां निकलने की संभावना है। रैलियों के जरिए उम्मीदवार अपनी ताकत और समर्थकों की संख्या का प्रदर्शन करेंगे।
वहीं बीकानेर के अंदरूनी इलाकों में संकरी गलियों के कारण चुनावी रैलियों का असर यातायात पर भी पड़ रहा है। कई जगह बड़ी संख्या में बाइक और समर्थकों के पहुंचने से जाम जैसी स्थिति बन रही है।
80 वार्डों में अब बूथ मैनेजमेंट सबसे बड़ी चुनौती
प्रचार खत्म होने के बाद भाजपा और कांग्रेस सहित प्रमुख राजनीतिक दलों का पूरा फोकस मतदान की तैयारियों पर रहेगा। नगर निगम के सभी 80 वार्डों में बूथ स्तर पर प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की टीम को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है।
टिकट वितरण के दौरान हुई खींचतान और कई वार्डों में सामने आए बागी उम्मीदवारों ने राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है। बागियों के मैदान में उतरने से कई जगह पार्टी के परंपरागत कार्यकर्ताओं के रुख को लेकर भी असमंजस बना हुआ है।
ऐसे में मतदान के दिन बूथ पर पार्टी के लिए पूरी मजबूती से काम करने वाले कार्यकर्ताओं की टीम तैयार करना प्रत्याशियों और संगठन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
पोलिंग एजेंट के लिए भी पूरी करनी होगी प्रक्रिया
प्रत्येक मतदान केंद्र पर पोलिंग एजेंट नियुक्त करने के लिए प्रत्याशियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म भरना होगा। एजेंट बनने वाले कार्यकर्ताओं की पहचान संबंधी आवश्यक औपचारिकताएं भी पूरी करनी होंगी।
इसी वजह से प्रत्याशियों की टीमें अंतिम समय में बूथवार एजेंटों की सूची तैयार करने में जुटी हुई हैं। प्रचार खत्म होने के बाद इन तैयारियों पर और ज्यादा जोर रहेगा।
मतदान केंद्र बने स्कूलों को लेकर असमंजस
नगर निगम चुनाव के लिए जिन सरकारी और निजी स्कूलों को मतदान केंद्र बनाया गया है, उनमें 9 सितंबर को मतदान के दिन अवकाश रहेगा। प्रशासन ने इन स्कूलों को 7 सितंबर से चुनावी प्रक्रिया के लिए अधिगृहित कर लिया है।
हालांकि 8 सितंबर को स्कूलों में नियमित कक्षाएं संचालित होंगी या अवकाश रहेगा, इसे लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। बताया जा रहा है कि मतदान दल 8 सितंबर की शाम को मतदान केंद्रों पर पहुंचेंगे। ऐसे में सुबह स्कूल संचालित होने की संभावना को लेकर अभिभावकों और स्कूल संचालकों में असमंजस बना हुआ है।
निर्वाचन विभाग की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी होने के बाद ही स्कूलों में 8 सितंबर की स्थिति साफ हो सकेगी।
5 बजे के बाद घर-घर संपर्क पर जोर
सोमवार शाम 5 बजे प्रचार का शोर थमने के बाद प्रत्याशी और उनके समर्थक बिना लाउडस्पीकर, माइक या सार्वजनिक रैली के घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर सकेंगे। इसके बाद मंगलवार को मतदान से पहले का अंतिम दिन होगा।
बुधवार, 9 सितंबर को मतदान होगा। ऐसे में प्रचार खत्म होने के बाद प्रत्याशियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने और बूथ मैनेजमेंट को मजबूत करने की रहेगी।
अब चुनाव प्रचार का शोर थमने वाला है, लेकिन पर्दे के पीछे का चुनावी गणित और बूथ मैनेजमेंट मंगलवार को और तेज होने वाला है।





