बीकानेर में BJP की बढ़त के दावे, कांग्रेस के गणित को झटका? निर्दलीय तय करेंगे बोर्ड

11 Sep 2026 BIKANER
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बीकानेर में BJP की बढ़त के दावे, कांग्रेस के गणित को झटका? निर्दलीय तय करेंगे बोर्ड

बीकानेर। नगर निगम चुनाव में मतदान खत्म होने के बाद अब शहर में जीत-हार के गणित ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। ईवीएम में प्रत्याशियों की किस्मत बंद है, लेकिन चौक-चौराहों, चाय की थड़ियों, बाजारों और सोशल मीडिया पर अपने-अपने आंकड़ों के साथ जीत के दावे किए जा रहे हैं।

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खास बात यह है कि जहां कांग्रेस समर्थक कई वार्डों में अपनी स्थिति मजबूत बता रहे हैं, वहीं भाजपा समर्थकों का दावा है कि पार्टी ने कई वार्डों में मजबूत प्रदर्शन किया है और परिणाम कांग्रेस के अनुमान के मुताबिक नहीं रहने वाले हैं।

मतदान के बाद BJP समर्थकों में बढ़ा उत्साह

मतदान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा होने के बाद भाजपा समर्थकों में अपने प्रत्याशियों की जीत को लेकर उत्साह नजर आ रहा है। अलग-अलग वार्डों में मतदान प्रतिशत, बूथवार वोटिंग और स्थानीय समीकरणों के आधार पर भाजपा के पक्ष में गणित पेश किया जा रहा है।

भाजपा समर्थकों का कहना है कि मतदान के दौरान मतदाताओं की चुप्पी के कारण किसी भी दल के लिए सटीक अनुमान लगाना आसान नहीं है। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रहे कांग्रेस के बढ़त के दावों के बीच भाजपा भी अपने पक्ष में मजबूत गणित पेश कर रही है।

कांग्रेस के 38-42 सीटों के दावे पर सवाल

चुनावी चर्चाओं में कांग्रेस को 38 से 42 सीटें मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि भाजपा समर्थक इस आकलन को एकतरफा मान रहे हैं और उनका कहना है कि कई वार्डों में वास्तविक मुकाबला कांग्रेस के दावों से अलग हो सकता है।

भाजपा के पक्ष में चल रही चर्चाओं में पार्टी को करीब 25 से 27 सीटों तक मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि यह आंकड़ा भी आधिकारिक परिणाम नहीं है और मतगणना के बाद ही वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।

बीकानेर पूर्व में BJP का मजबूत मुकाबला

बीकानेर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के 41 वार्डों को लेकर अलग-अलग चुनावी आकलन सामने आ रहे हैं। कांग्रेस समर्थक करीब 20 सीटों पर बढ़त का दावा कर रहे हैं, जबकि भाजपा समर्थकों का मानना है कि कई वार्डों में मुकाबला बेहद करीबी है और परिणाम आने पर समीकरण बदल सकते हैं।

भाजपा के लिए खास तौर पर उन वार्डों पर नजर है जहां मतदान के बाद कार्यकर्ताओं ने पार्टी प्रत्याशियों की स्थिति मजबूत बताई है। अंतिम फैसला हालांकि ईवीएम खुलने के बाद ही होगा।

भाजपा के लिए पश्चिम क्षेत्र के कई वार्डों में बूथ स्तर के मतदान और स्थानीय समीकरणों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यही कारण है कि भाजपा समर्थक कांग्रेस के एकतरफा बढ़त के दावों को स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

निर्दलीय प्रत्याशियों पर BJP की भी नजर

नगर निगम चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रहने वाली है। चुनावी चर्चाओं में निर्दलीयों को 8 से 15 सीटों तक मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है। यदि भाजपा या कांग्रेस बहुमत के आंकड़े से कुछ सीटें दूर रहती है तो निर्दलीय पार्षद बोर्ड गठन में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही संभावित रूप से जीतने वाले निर्दलीय प्रत्याशियों के समीकरण पर नजर रखेंगे। परिणाम आने के बाद बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना रहेगी।

सोशल मीडिया पर BJP-कांग्रेस के बीच दावों की जंग

मतदान के बाद सोशल मीडिया चुनावी विश्लेषण का बड़ा मंच बन गया है। भाजपा और कांग्रेस समर्थक अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत के दावे कर रहे हैं। भाजपा समर्थक कई वार्डों में पार्टी की स्थिति मजबूत बताते हुए कांग्रेस के बढ़त वाले आंकड़ों को चुनौती दे रहे हैं।

जातीय समीकरण, व्यक्तिगत संपर्क, रिश्तेदारी, मतदान प्रतिशत और बूथवार वोटिंग को लेकर अलग-अलग तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं। लेकिन मतदाताओं की खामोशी के कारण किसी भी अनुमान को अंतिम परिणाम मानना जल्दबाजी होगी।

महत्वपूर्ण: इस रिपोर्ट में बताए गए सीटों के आंकड़े मतदान के बाद आमजन, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच चल रही चर्चाओं एवं अनुमानों पर आधारित हैं। इन्हें आधिकारिक एग्जिट पोल या चुनाव परिणाम नहीं माना जाना चाहिए। वास्तविक स्थिति 14 सितंबर को मतगणना के बाद स्पष्ट होगी।

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