बीकानेर में PHED अधिकारियों की समीक्षा बैठक, प्रभारी सचिव ने दिए सख्त निर्देश
बीकानेर। जिला प्रभारी सचिव एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के प्रमुख सचिव हेमंत कुमार गेरा ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जनसुनवाई और विकास कार्यों के प्रति अधिक संवेदनशील एवं जवाबदेह बनने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि वह स्वयं प्रतिदिन संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतकर्ताओं से बात कर सकते हैं तो संबंधित अधिकारी भी ऐसा करें।
रोज 5 शिकायतकर्ताओं से करेंगे सीधे संवाद
प्रभारी सचिव ने सभी अधीक्षण अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन किसी एक उपखंड की संपर्क पोर्टल पर दर्ज पांच शिकायतों का चयन कर शिकायतकर्ताओं से स्वयं दूरभाष पर बात करें। उनका कहना था कि इससे शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण होगा और आमजन का विभाग पर विश्वास बढ़ेगा।
जल जीवन मिशन की धीमी प्रगति पर चेतावनी
बैठक में जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि योजना की उच्च स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। जिन जिलों में प्रगति अपेक्षित स्तर पर नहीं मिलेगी, वहां संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अमृत 2.0 और बजट घोषणाओं के कार्य समय पर पूरे करें
प्रभारी सचिव ने अमृत 2.0 और बजट घोषणाओं के तहत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा करते हुए लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने तथा निर्धारित समय-सीमा में सभी विकास कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।
नेगेटिव खबरों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश
उन्होंने विभाग से संबंधित समाचारों में प्रकाशित शिकायतों को गंभीरता से लेने को कहा। विशेष रूप से दूषित या बदबूदार पेयजल जैसी शिकायतों का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि आमजन को राहत मिल सके।
वीबी जीरामजी योजना और कर्मभूमि से मातृभूमि योजना पर भी जोर
हेमंत गेरा ने ग्राम पंचायतों में छोटे-बड़े मरम्मत कार्य वीबी जीरामजी योजना के माध्यम से कराने के निर्देश दिए। वहीं कर्मभूमि से मातृभूमि योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए 31 अगस्त तक निर्धारित लक्ष्य पूरे करने को कहा। उन्होंने भामाशाहों और सीएसआर फंड के सहयोग से रेन वाटर हार्वेस्टिंग एवं रिचार्ज पिट विकसित करने पर भी जोर दिया।
अधिकारियों के प्रदर्शन की होगी मॉनिटरिंग
बैठक में वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 के लक्ष्य एवं उपलब्धियों का जिला-वार प्रगति पत्र तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसमें संबंधित अवधि में पदस्थापित अधिकारियों का विवरण भी शामिल किया जाएगा, ताकि उनके प्रदर्शन का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन किया जा सके।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश पुरोहित, अधीक्षण अभियंता खेमचंद सिंगारिया सहित बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।




