बीकानेर रेल मंडल से करोड़ों का बेडरोल चोरी! रेलवे ने बताया किससे होगी पूरी वसूली
Bikaner News: एसी ट्रेनों में बेडरोल चोरी को लेकर सामने आए आंकड़ों के बाद बीकानेर रेल मंडल ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। रेलवे का कहना है कि पिछले पांच वर्षों में करोड़ों रुपये मूल्य का लिनन चोरी जरूर हुआ, लेकिन इसकी पूरी राशि संबंधित ठेकेदारों से वसूल की जाएगी। साथ ही डीजल वितरण व्यवस्था को लेकर भी रेलवे ने स्थिति साफ की है।
देश के प्रमुख रेल मंडलों में शामिल बीकानेर रेल मंडल में एसी ट्रेनों से फेस टॉवल, बेडशीट और कंबल जैसे लिनन आइटम बड़ी संख्या में चोरी होने के आंकड़े सामने आए हैं। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने पूरे मामले पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है।
बीकानेर रेल मंडल के डीसीएम वीरेंद्र जोशी ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में ट्रेनों से करीब 4 करोड़ 57 लाख रुपये मूल्य का लिनन चोरी हुआ है। हालांकि रेलवे को इसका आर्थिक नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा, क्योंकि अनुबंध की शर्तों के अनुसार चोरी हुए सामान की 100 प्रतिशत राशि संबंधित ठेकेदारों से वसूल की जाएगी।
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि रेलवे की संपत्ति राष्ट्रीय संपत्ति है और इसकी सुरक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यात्रियों को रेलवे की संपत्ति का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए।
रेलवे ने डीजल वितरण व्यवस्था को लेकर भी स्पष्ट किया कि यह कार्य आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से किया जाता है। वाहनों की आवश्यकता और तय दूरी के आधार पर डीजल जारी किया जाता है तथा वाहन लौटने पर उसका पूरा मिलान किया जाता है। यदि किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो उसकी पूरी वसूली संबंधित ठेकेदार से की जाती है।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि बेडरोल चोरी और वितरण व्यवस्था दोनों में जवाबदेही तय है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई की जाती है।



