बीकानेर में स्वाइन फ्लू का खतरा! PBM में 3 संदिग्ध भर्ती, युवक की हालत गंभीर
बीकानेर। प्रदेश में स्वाइन फ्लू की दस्तक के बीच बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में गुरुवार को तीन संदिग्ध मरीजों को भर्ती किया गया है। इनमें दो बुजुर्ग और एक युवक शामिल हैं। युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। स्वाइन फ्लू की आशंका के चलते तीनों मरीजों की आवश्यक जांचें कराई जा रही हैं।
निमोनिया बिगड़ने पर तीन मरीज भर्ती
गुरुवार को पीबीएम अस्पताल के मेडिसिन आउटडोर में मरीजों की भारी भीड़ रही। मौसम में बदलाव के साथ वायरल बुखार और अन्य बीमारियों के मरीज बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे। इसी दौरान दो बुजुर्गों और एक युवक की हालत गंभीर होने पर उन्हें भर्ती किया गया।
अस्पताल के अनुसार तीनों मरीजों में निमोनिया की स्थिति बिगड़ी हुई है। वहीं युवक गंभीर हालत में और शॉक की स्थिति में अस्पताल पहुंचा। स्वाइन फ्लू का संदेह होने पर उनकी जांच कराई जा रही है।
अभी स्वाइन फ्लू का कोई केस कन्फर्म नहीं
मेडिसिन एचओडी एवं मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि मेडिसिन ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। हालांकि अभी तक स्वाइन फ्लू का कोई मरीज रिपोर्ट नहीं हुआ है। अस्पताल में निमोनिया और इनफ्लूएंजा के मामले सामने आ रहे हैं। एहतियात के तौर पर संदिग्ध मरीजों की जांच कराई जा रही है।
बच्चों में उल्टी-दस्त का प्रकोप बढ़ा
मौसम में बदलाव का असर बच्चों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई दे रहा है। पीबीएम अस्पताल के पीडियाट्रिक्स विभाग की ओपीडी में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है। पीडिया एचओडी डॉ. जीएस तंवर के अनुसार बच्चों की ओपीडी करीब 600 मरीजों तक पहुंच गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों से गंभीर स्थिति में रेफर होकर आने वाले बच्चों को सीधे भर्ती करना पड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार मौसम में बदलाव के कारण बच्चों में उल्टी-दस्त के मामले बढ़े हैं।
मेलों के साथ बढ़ सकती है मरीजों की संख्या
डॉ. तंवर ने बताया कि भादवा लगने के साथ ही प्रदेश में मेलों का दौर शुरू हो रहा है। ऐसे में उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही आने वाले दिनों में डेंगू और मलेरिया के केस भी सामने आने की आशंका है।
मौसम बदलने पर सावधानी जरूरी
मौसम में लगातार बदलाव के बीच अस्पतालों में वायरल बुखार, निमोनिया और अन्य संक्रमण से जुड़े मरीज बढ़ रहे हैं। ऐसे में डॉक्टरों ने स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने और गंभीर लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने पर जोर दिया है।





