बीकानेर कांग्रेस के खिलाफ पंजाबी महासभा का ऐलान! 77 वार्डों में विरोध की चेतावनी, 3 सीटों पर समर्थन
बीकानेर: नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण के बाद कांग्रेस के भीतर शुरू हुआ विवाद अब सामाजिक संगठनों तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष के साथ मारपीट और मोहित अरोड़ा पर दर्ज मामलों को लेकर पंजाबी महासभा ने कांग्रेस के खिलाफ बड़ा ऐलान किया है। महासभा ने अपने समाज से जुड़े प्रत्याशियों को छोड़कर बाकी कांग्रेस प्रत्याशियों के विरोध में मतदान की अपील करने की चेतावनी दी है।
मोहित अरोड़ा पर दर्ज मामलों का विरोध
पंजाबी महासभा की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में अध्यक्ष सुरेश खिंवानी ने कहा कि मोहित अरोड़ा पर लगाए गए एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य मामलों को लेकर समाज में नाराजगी है। महासभा का आरोप है कि मोहित अरोड़ा पर गलत धाराएं लगाई गई हैं और समाज इसका विरोध करता है।
सुरेश खिंवानी ने कहा कि यदि कांग्रेस की ओर से इन मामलों को वापस नहीं लिया गया तो इसका राजनीतिक खामियाजा पार्टी को नगर निगम चुनाव के साथ-साथ आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी भुगतना पड़ सकता है।
महासभा की ओर से दावा किया गया कि मोहित अरोड़ा ने किसी दलित व्यक्ति के साथ मारपीट नहीं की थी, बल्कि कांग्रेस जिलाध्यक्ष के साथ विवाद के दौरान मारपीट हुई थी। प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि घटना के दौरान किसी हथियार के इस्तेमाल और जातिसूचक गाली देने के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
‘टिकट चुराने’ के मामले की जांच की मांग
मोहित अरोड़ा ने मांग रखी कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो और उन्हें न्याय मिले। उन्होंने कांग्रेस के टिकट और चुनाव चिन्ह को लेकर उठे विवाद की भी गंभीरता से जांच कराने की मांग की।
पंजाबी महासभा ने बताया कि इस मामले को लेकर रविवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन दिया जाएगा। रविवार को अवकाश होने के बावजूद महासभा के कार्यकर्ता सुबह जिला कलेक्ट्री के पास एकत्रित होकर एसपी को ज्ञापन सौंपने जाएंगे।
दीपक अरोड़ा ने लगाए गंभीर राजनीतिक आरोप
मोहित अरोड़ा के पिता और पूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा ने प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल मौसेरे भाई हैं तथा दोनों के बीच अपनी पसंद का महापौर बनाने को लेकर कथित तौर पर बड़ी डील हुई है।
दीपक अरोड़ा ने आरोप लगाया कि इसी कथित राजनीतिक समीकरण के चलते कांग्रेस के कुछ जीते हुए पार्षदों के टिकट काटे गए और कई वार्डों में चुनावी सिंबल को लेकर विवाद पैदा हुआ। उन्होंने दावा किया कि करीब चार वार्डों में सिंबल से जुड़ा विवाद सामने आया है।
उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके पुत्र मोहित अरोड़ा को बिना उनका पक्ष सुने पार्टी से निष्कासित किया गया, जो उनके अनुसार गलत है।
मारपीट की घटना पर मोहित अरोड़ा ने जताया खेद
मोहित अरोड़ा ने बताया कि जब उन्होंने अपनी टिकट बदले जाने को लेकर शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल से सवाल किया तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उनका आरोप है कि बातचीत के दौरान उन्हें उकसाया गया।
मोहित अरोड़ा ने कहा कि इसके बाद विवाद बढ़ा और उन्होंने मदन गोपाल मेघवाल के साथ मारपीट की। उन्होंने इस मारपीट की घटना की निंदा भी की। हालांकि उनका कहना है कि घटना में पिस्टल दिखाने और जातिसूचक गाली-गलौच जैसे आरोप सही नहीं हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इन 3 वार्डों में कांग्रेस को समर्थन
पंजाबी महासभा ने स्पष्ट किया कि वह तीन वार्डों में समाज से जुड़े प्रत्याशियों का समर्थन करेगी। महासभा के अनुसार वार्ड 32 और वार्ड 41 के कांग्रेस प्रत्याशियों तथा वार्ड 50 के भाजपा प्रत्याशी को समर्थन दिया जाएगा। महासभा ने बताया कि इन वार्डों में पंजाबी समाज से जुड़े प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
बाकी वार्डों में कांग्रेस के विरोध का ऐलान
पंजाबी महासभा ने चेतावनी दी कि यदि मोहित अरोड़ा के खिलाफ दर्ज मामलों में कथित गलत धाराएं नहीं हटाई गईं तो वह बीकानेर के बाकी वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशियों का विरोध करेगी। महासभा का दावा है कि शहर के 77 वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशियों के खिलाफ प्रचार और मतदान की अपील की जाएगी, जबकि पंजाबी समाज से जुड़े तीन प्रत्याशियों को समर्थन जारी रहेगा।
महासभा ने यह भी कहा कि कांग्रेस शहर अध्यक्ष और मोहित अरोड़ा के बीच हुई घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उसका कहना है कि मारपीट की घटना की जांच कानून के अनुसार हो, लेकिन हथियार दिखाने और जातिसूचक गाली-गलौच जैसे आरोपों की भी तथ्यात्मक जांच जरूरी है।
निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ीं
नगर निगम चुनाव से ठीक पहले पंजाबी महासभा के इस ऐलान से कांग्रेस के सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी हो सकती है। टिकट वितरण को लेकर पहले से ही कई वार्डों में नाराजगी और बगावत की स्थिति बनी हुई है। अब एक सामाजिक संगठन द्वारा खुले तौर पर कांग्रेस प्रत्याशियों के विरोध की चेतावनी दिए जाने से चुनावी समीकरण और दिलचस्प हो गए हैं।
हालांकि दीपक अरोड़ा और पंजाबी महासभा की ओर से लगाए गए राजनीतिक सौदेबाजी, सिंबल विवाद और मुकदमों से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन आरोपों और मामले में संबंधित पक्षों का पक्ष पुलिस जांच तथा आगामी कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।





