फर्जी एसीबी ट्रैप केस में बड़ा एक्शन, पूर्व अधिशाषी अभियंता गिरफ्तार, ठेकेदार की जमानत खारिज

04 Aug 2026 BIKANER
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यूआईटी के चर्चित फर्जी एसीबी ट्रैप केस में बड़ा एक्शन, पूर्व अधिशाषी अभियंता गिरफ्तार, ठेकेदार की जमानत खारिज

बीकानेर। नगर विकास न्यास (यूआईटी) बीकानेर से जुड़े बहुचर्चित कथित फर्जी एसीबी ट्रैप मामले में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। सदर थाना पुलिस ने तत्कालीन अधिशाषी अभियंता प्रेम वशिष्ठ को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले के दूसरे आरोपी ठेकेदार विनोद कुमावत की अग्रिम जमानत याचिका अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या-07 की अदालत ने खारिज कर दी।

यह मामला वर्ष 2015 में यूआईटी बीकानेर में कनिष्ठ लेखाकार रहे लालचंद सोनी से जुड़ा है। परिवादी का आरोप है कि ठेकेदार विनोद कुमावत, तत्कालीन अधिशाषी अभियंता प्रेम वशिष्ठ और सहायक अभियंता महावीर प्रसाद टाक ने आपसी षड्यंत्र कर उनके खिलाफ फर्जी एसीबी ट्रैप कार्रवाई करवाई। साथ ही कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लाखों रुपये का फर्जी भुगतान उठाने का आरोप भी लगाया गया है।

आठ बार हुई जांच, फिर कोर्ट ने लिया संज्ञान

बताया गया कि मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और पुलिस मुख्यालय स्तर पर कुल आठ बार कराई गई। इसके बाद 9 दिसंबर 2025 को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-02, बीकानेर ने प्रथम दृष्टया आरोप प्रमाणित मानते हुए प्रेम वशिष्ठ, महावीर प्रसाद टाक और विनोद कुमावत के खिलाफ मुकदमा चलाने के आदेश जारी किए।

कोर्ट के वारंट पर हुई गिरफ्तारी

अदालत में लगातार अनुपस्थित रहने और आदेशों की अवहेलना करने पर आरोपियों के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे। इन्हीं वारंटों की पालना में सदर थाना पुलिस ने प्रेम वशिष्ठ को गिरफ्तार कर लिया।

ठेकेदार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

आरोपी ठेकेदार विनोद कुमावत ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। परिवादी की ओर से अधिवक्ताओं सुरेन्द्र पाल शर्मा और गणेशदान बीठू ने इसका विरोध किया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।

एसीबी के तत्कालीन अधिकारी पर भी आरोप

परिवादी लालचंद सोनी ने आरोप लगाया है कि कथित फर्जी एसीबी ट्रैप में तत्कालीन एसीबी अधिकारी पर्वत सिंह की भी भूमिका रही। इस संबंध में उन्होंने न्यायालय में निगरानी याचिका भी दायर कर रखी है। उनका आरोप है कि फर्जी ट्रैप के जरिए बिना कार्य किए लाखों रुपये का भुगतान उठाकर राशि का बंदरबांट किया गया।

2023 में लालचंद सोनी हुए थे दोषमुक्त

उल्लेखनीय है कि 23 मार्च 2023 को राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर ने एसीबी की चार्जशीट खारिज करते हुए लालचंद सोनी को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया था। अब प्रेम वशिष्ठ की गिरफ्तारी और ठेकेदार की जमानत खारिज होने के बाद इस चर्चित मामले की आगामी सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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