Rajasthan Panchayat Elections: 31 जुलाई की डेडलाइन पर संकट! चुनाव में देरी के संकेत, शुरू हुआ OBC सर्वे

28 Jun 2026 BIKANER
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Rajasthan Panchayat-Nikay Elections: 31 जुलाई की डेडलाइन पर संकट! चुनाव में देरी के संकेत

जयपुर। राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। हाईकोर्ट की ओर से तय की गई 31 जुलाई 2026 तक चुनाव कराने की समय सीमा अब नजदीक आ गई है, लेकिन मौजूदा हालातों को देखते हुए समय पर चुनाव कराना मुश्किल नजर आ रहा है।

हाईकोर्ट की डेडलाइन खत्म होने में अब करीब 34 दिन शेष हैं, जबकि पंचायत और निकाय चुनाव की पूरी प्रक्रिया पूरी करने में लगभग 40 से 45 दिन का समय लग सकता है। ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

आरक्षण की जानकारी का इंतजार कर रहा चुनाव आयोग

चुनाव प्रक्रिया शुरू करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को अभी तक पंचायती राज और स्वायत्त शासन विभाग से अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की जानकारी का इंतजार है।

बताया जा रहा है कि आयोग सरकार को इस संबंध में रिमाइंडर भी भेज चुका है। आरक्षण की जानकारी मिलने के बाद ही चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ पाएगी।

OBC परिवारों का शुरू होगा सर्वे

इधर राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व) आयोग ने सर्वे की तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोग की ओर से जिलों में अधिकारियों के साथ बैठकें कर फीडबैक लिया जा रहा है।

आयोग के सदस्य गोपाल कृष्ण शर्मा ने बांसवाड़ा, सिरोही और डूंगरपुर जिलों में समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्वे केवल OBC परिवारों का ही किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछड़ा वर्ग के अलावा अन्य परिवारों को इस सर्वे में शामिल नहीं किया जाएगा।

चुनाव को लेकर सियासी विवाद भी तेज

पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी के अक्टूबर से दिसंबर के बीच चुनाव कराने वाले बयान पर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने आपत्ति जताई है।

संयम लोढ़ा ने कहा कि हाईकोर्ट पहले ही 31 जुलाई 2026 तक चुनाव कराने के निर्देश दे चुका है, ऐसे में इस तरह के बयान कोर्ट के आदेशों के विपरीत हैं।

अब आगे क्या?

अब सभी की नजर राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार की अगली कार्रवाई पर है। यदि समय पर आरक्षण और अन्य तैयारियां पूरी नहीं हुईं तो पंचायत और निकाय चुनाव हाईकोर्ट की तय समय सीमा से आगे भी खिसक सकते हैं।

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