RBI का बड़ा संकेत: अब कागज नहीं, देश में आ सकते हैं पॉलीमर (प्लास्टिक) के नोट
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में पॉलीमर यानी प्लास्टिक आधारित करेंसी नोट शुरू करने की संभावना पर विचार कर रहा है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि केंद्रीय बैंक इस विकल्प का अध्ययन कर रहा है और इसके विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन किया जा रहा है।
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो भारत में पहली बार पारंपरिक कागजी नोटों की जगह पॉलीमर आधारित नोट देखने को मिल सकते हैं। दुनिया के कई देशों में पहले से ही पॉलीमर नोट प्रचलन में हैं और उन्हें अधिक सुरक्षित तथा टिकाऊ माना जाता है।
क्या होते हैं पॉलीमर नोट?
पॉलीमर नोट विशेष प्रकार के प्लास्टिक से तैयार किए जाते हैं। ये सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक मजबूत होते हैं और लंबे समय तक खराब नहीं होते। साथ ही इनमें उन्नत सुरक्षा फीचर्स शामिल किए जा सकते हैं, जिससे नकली नोटों पर अंकुश लगाने में मदद मिलती है।
पॉलीमर नोटों के प्रमुख फायदे
- कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ और मजबूत।
- पानी, नमी और गंदगी से कम प्रभावित होते हैं।
- नकली नोट बनाना अपेक्षाकृत कठिन होता है।
- लंबे समय तक चलने के कारण बार-बार छपाई की आवश्यकता कम पड़ती है।
- बेहतर और आधुनिक सुरक्षा फीचर्स जोड़े जा सकते हैं।
दुनिया के कई देशों में पहले से उपयोग
ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, सिंगापुर और ब्रिटेन सहित कई देशों में पॉलीमर नोटों का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है। इन देशों ने नकली नोटों की समस्या कम करने और नोटों की आयु बढ़ाने के लिए इस तकनीक को अपनाया है।
RBI कर रहा है व्यापक अध्ययन
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के अनुसार फिलहाल यह प्रस्ताव अध्ययन और समीक्षा के चरण में है। केंद्रीय बैंक पॉलीमर नोटों की लागत, सुरक्षा, उपयोगिता और भारतीय परिस्थितियों में उनकी व्यवहारिकता का परीक्षण कर रहा है।
यदि भविष्य में इस योजना को मंजूरी मिलती है तो भारतीय मुद्रा प्रणाली में यह एक बड़ा बदलाव होगा। हालांकि फिलहाल पॉलीमर नोटों को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
भारतीय करेंसी में हो सकता है बड़ा बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत में पॉलीमर नोट लागू होते हैं तो इससे नकली नोटों पर लगाम लगाने, नोटों की गुणवत्ता बनाए रखने और मुद्रण लागत को लंबे समय में कम करने में मदद मिल सकती है। आने वाले समय में RBI के फैसले पर देशभर की नजरें टिकी रहेंगी।

