कृषि विश्वविद्यालय को मिली ₹20 करोड़ की सौगात, राज्यपाल ने भी किया बड़ा ऐलान

01 Aug 2026 BIKANER
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बीकानेर। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (एसकेआरएयू) के 40वें स्थापना दिवस समारोह में राज्यपाल हरि भाऊ बागडे ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों का दायित्व केवल बेहतर शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को बौद्धिक रूप से भी सशक्त बनाना है, ताकि वे राष्ट्र निर्माण में प्रभावी योगदान दे सकें।

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की 40 वर्षों की उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि अब तक 28 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने यहां से कृषि शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने पूर्व विद्यार्थियों का रिकॉर्ड संधारित करने तथा छात्रों को यूपीएससी और आरपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।

राज्यपाल ने व्यवहारिक शिक्षा, नई शिक्षा नीति और 'कॉपी मुक्त परीक्षा' की अवधारणा पर भी बल दिया। उन्होंने बेटियों को शिक्षा और अनुसंधान में आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए स्वामी केशवानंद के शिक्षा क्षेत्र में योगदान का स्मरण किया।

केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि भारत सरकार के इंडिया एआई मिशन के तहत विश्वविद्यालय में कृषि आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना को मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना पर ₹20 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जिससे किसानों और कृषि शोधार्थियों को लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने अर्जुन राम मेघवाल को विश्वविद्यालय की सर्वोच्च शैक्षणिक उपाधि 'डॉक्टर ऑफ साइंस' से सम्मानित किया। साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।

मुख्य वक्ता के रूप में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष हनुमान सिंह राठौड़ ने मरुस्थलीय औषधीय वनस्पतियों पर शोध बढ़ाने का आह्वान किया। विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. राजेंद्र बाबू दुबे ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।

इस अवसर पर राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में डीजीसीए से अधिकृत ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया, पौधारोपण किया तथा विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

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