श्रीडूंगरगढ़ में तीन सगी बहनों ने दर्ज कराया दहेज प्रताड़ना का केस, पति-सास-ससुर समेत 8 पर आरोप
श्रीडूंगरगढ़: श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र में दहेज प्रताड़ना से जुड़ा मामला सामने आया है। एक ही परिवार की तीन सगी बहनों ने अपने-अपने पतियों सहित सास-ससुर और अन्य रिश्तेदारों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज करवाए हैं। तीनों मामलों में दहेज कम लाने का आरोप लगाकर परेशान करने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।
न्यायालय इस्तगासे के जरिए दर्ज हुए मामले
पुलिस के अनुसार ये मामले न्यायालय इस्तगासे के जरिए दर्ज करवाए गए हैं। बाना निवासी गोविंदराम जाट की पुत्री ममता ने अपने पति सुखराम के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। वहीं पूजा ने अपने पति रतिराम और धापू ने अपने पति रामकिशन के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।
शिकायतों में आरोपियों में सीताराम, ससुर भंवरलाल जाट, सास जमना तथा ससुर के भाई रूपाराम और उसकी पत्नी संपूदेवी निवासी बापेऊ के नाम भी शामिल हैं।
तीनों के पति आपस में सगे भाई
रिपोर्ट के अनुसार तीनों पीड़ित महिलाओं के पति आपस में सगे भाई हैं। तीनों महिलाओं ने पुलिस को बताया कि उनका विवाह 16 मई 2019 को आरोपी पक्ष के परिवार में हुआ था। शादी के दौरान पीहर पक्ष की ओर से अपनी हैसियत के अनुसार दान-दहेज दिया गया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बावजूद आरोपी पक्ष दहेज को लेकर महिलाओं को परेशान करने लगा और अधिक दहेज लाने का दबाव बनाया गया।
मारपीट और धमकी देने के आरोप
महिलाओं ने आरोप लगाया कि कम दहेज लाने की बात कहते हुए उनके साथ मारपीट की गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि समाज में नाक कटवा देने की बात कहते हुए उन्हें लगातार मानसिक रूप से परेशान किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार 18 जून 2026 को भी उन्हें और उनकी बहनों को बिना दहेज के वापस आने पर जान से मारने की धमकियां दी गईं।
परिजनों ने घर बसाने का प्रयास किया
पीड़िताओं के अनुसार उनके पीहर पक्ष के लोगों ने परिवार को समझाने और घर बसाने के लिए कई बार प्रयास किए। परिजनों की ओर से समझाइश के बावजूद आरोपी पक्ष के लोग कथित तौर पर अपनी मांगों से पीछे नहीं हटे। इसके बाद तीनों बहनों ने अलग-अलग कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया।
सब इंस्पेक्टर मोहनलाल करेंगे जांच
पुलिस ने तीनों मामलों को दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अलग-अलग दर्ज मामलों की जांच सब इंस्पेक्टर मोहनलाल कड़वासरा को सौंपी गई है। पुलिस अब शिकायतों में लगाए गए आरोपों, घटनाक्रम और संबंधित साक्ष्यों की जांच करेगी।
मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।





