बीकानेर कांग्रेस में बड़ा एक्शन! दीपक-मोहित अरोड़ा 6 साल के लिए पार्टी से निलंबित
बीकानेर। जिला कांग्रेस कमेटी बीकानेर शहर के जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार की शिकायत के बाद प्रदेश कांग्रेस संगठन ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। प्रदेश कांग्रेस संगठन ने पूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा और मोहित अरोड़ा को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निलंबित कर दिया है।
जिलाध्यक्ष से मारपीट की शिकायत पर कार्रवाई
प्रदेश कांग्रेस संगठन महासचिव ललित तूनवाल की ओर से जारी कार्यालय आदेश के अनुसार वार्ड नंबर 50, नगर निगम बीकानेर के प्रत्याशी के कार्यालय उद्घाटन के दौरान जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ कथित मारपीट एवं अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायत प्रदेश संगठन को प्राप्त हुई थी।
शिकायत में पूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा, मोहित अरोड़ा एवं अन्य लोगों के नाम सामने आने की बात कही गई है। संगठन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे पार्टी अनुशासन से जुड़ा मामला माना।
प्रदेश कांग्रेस ने कहा- गंभीर अनुशासनहीनता
प्रदेश कांग्रेस की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिलाध्यक्ष के साथ इस प्रकार का व्यवहार अत्यंत गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संगठन ने दीपक अरोड़ा और मोहित अरोड़ा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया।
छह साल के लिए प्राथमिक सदस्यता से निलंबित
कार्यालय आदेश के अनुसार पूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा और मोहित अरोड़ा को तत्काल प्रभाव से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष की अवधि के लिए निलंबित किया गया है।
प्रदेश कांग्रेस संगठन की इस कार्रवाई को बीकानेर में नगर निगम चुनाव के बीच पार्टी अनुशासन को लेकर बड़ा कदम माना जा रहा है। कार्रवाई के बाद स्थानीय कांग्रेस की राजनीति में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जयपुर मुख्यालय से जारी हुआ आदेश
यह आदेश प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय जयपुर से जारी किया गया है। आदेश की प्रतिलिपि जिला कांग्रेस कमेटी बीकानेर शहर के जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल को भी भेजी गई है।
गौरतलब है कि वार्ड नंबर 50 के प्रत्याशी कार्यालय उद्घाटन के दौरान मदन गोपाल मेघवाल के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद बीकानेर कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति गरमा गई थी। अब प्रदेश संगठन की ओर से दोनों नेताओं के खिलाफ छह वर्ष की कार्रवाई किए जाने से मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।





