बीकानेर साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फर्जी बैंक खातों से साइबर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

30 Jul 2026 BIKANER
Advertisement

बीकानेर साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फर्जी बैंक खातों से साइबर ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

बीकानेर। राजस्थान पुलिस के साइबर अपराध विरोधी विशेष अभियान के तहत बीकानेर साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी फर्मों के नाम पर कॉर्पोरेट (करंट) बैंक खाते खुलवाकर देशभर में साइबर ठगी की रकम अपने खातों में प्राप्त करने वाले गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में आरोपी के बैंक खातों से 36 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें जुड़ी मिली हैं तथा उसके खातों में अब तक करीब ₹23.90 लाख की ठगी की राशि आने का खुलासा हुआ है।

Advertisement

विशेष अभियान के तहत हुई कार्रवाई

पुलिस के अनुसार महानिदेशक पुलिस, राजस्थान के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत महानिरीक्षक पुलिस बीकानेर रेंज ओमप्रकाश, जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) चक्रवर्ती सिंह राठौड़ तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक किरण गोदारा के निर्देशन में साइबर थाना प्रभारी शालिनी बजाज के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।

मध्यप्रदेश से आरोपी गिरफ्तार

जांच के दौरान पुलिस ने दाऊद खान (36) पुत्र असलम खान निवासी जयप्रकाश, तहसील पिपरिया, जिला नर्मदापुरम (मध्यप्रदेश) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह साइबर ठगों के गिरोह के साथ मिलकर देशभर के लोगों से ठगी गई राशि अपने तथा साथियों द्वारा खुलवाए गए बैंक खातों में प्राप्त करता था।

फर्जी दस्तावेजों से खुलवाए जाते थे करंट खाते

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी और उसके साथी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न बैंकों में कॉर्पोरेट (करंट) खाते खुलवाते थे। साइबर ठगी से प्राप्त रकम इन खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी और बाद में कमीशन के बदले नकदी निकालकर गिरोह तक पहुंचाई जाती थी। आरोपी के खातों पर अब तक 36 साइबर शिकायतें दर्ज मिली हैं।

गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी

पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। साथ ही बैंक खातों के माध्यम से हुए लेन-देन और साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।

बीकानेर पुलिस की अपील

बीकानेर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी परिस्थिति में अपना व्यक्तिगत या व्यावसायिक बैंक खाता, फर्म या दस्तावेज किसी अन्य व्यक्ति को किराये पर न दें और न ही किसी लालच में बेचें। ऐसा करना स्वयं भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

इसके अलावा पुलिस ने लोगों को अनजान व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप के कहने पर किसी भी अनधिकृत ऐप डाउनलोड नहीं करने तथा शेयर बाजार या निवेश के नाम पर होने वाले संदिग्ध लेन-देन से बचने की सलाह दी है।

यदि आपके साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।

Advertisement
Share: