साइबर ठगी के करोड़ों रुपये को गोल्ड लोन से किया जा रहा था ‘सफेद’, आरोपी गिरफ्तार

02 Jul 2026 BIKANER
Advertisement

बीकानेर साइबर थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर ठगी के नए नेटवर्क का खुलासा

बीकानेर. बीकानेर साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है, जो साइबर ठगी से हासिल करोड़ों रुपये को गोल्ड लोन के जरिए बैंकिंग सिस्टम में वैध दिखाकर ठिकाने लगा रहा था। पुलिस का दावा है कि यह देश की पहली ऐसी कार्रवाई है, जिसमें साइबर ठगी की रकम को मणप्पुरम फाइनेंस के ऑनलाइन गोल्ड लोन सिस्टम के माध्यम से खपाने के नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

'साइबर शील्ड' और 'ऑपरेशन म्युल हंटर' के तहत कार्रवाई

यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम जयपुर द्वारा चलाए जा रहे 'साइबर शील्ड' और 'ऑपरेशन म्युल हंटर' अभियान के तहत की गई। बीकानेर रेंज आईजी ओमप्रकाश, एसपी मृदुल कच्छावा के निर्देशन तथा एएसपी शहर चक्रवती सिंह राठौड़ के सुपरविजन में साइबर थाना प्रभारी शालिनी बजाज के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक रमेश कुमार सर्वटा और उनकी टीम ने इस सफलता को अंजाम दिया।

आरोपी साइबर ठगी की रकम को बनाता था वैध

पुलिस ने सुनील ज्याणी (35) पुत्र रोशनलाल विश्नोई निवासी मिठड़िया, थाना बज्जू को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी साइबर ठगी करने वाले गिरोह के साथ मिलकर ठगी की रकम को गोल्ड लोन खातों के माध्यम से बैंकिंग सिस्टम में वैध दिखाकर कमीशन कमाता था।

ऐसे करता था करोड़ों की साइबर ठगी की रकम को 'सफेद'

पुलिस जांच के अनुसार गिरोह पहले अपने या अन्य लोगों के नाम पर मणप्पुरम फाइनेंस से सोना गिरवी रखकर गोल्ड लोन लेता था। इसके बाद देशभर में डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश, पुलिस या सरकारी एजेंसी बनकर लोगों से साइबर ठगी की जाती थी।

ठगी से प्राप्त रकम सीधे बैंक खातों में रखने के बजाय ऑनलाइन गोल्ड लोन (OGL) एप के जरिए गोल्ड लोन खातों में जमा कर दी जाती थी। लोन चुकाने के बाद गिरवी रखा सोना छुड़ा लिया जाता या उसी सोने पर दोबारा नया लोन ले लिया जाता था। इससे ठगी की रकम बैंकिंग सिस्टम में वैध लेन-देन जैसी दिखाई देती थी और जांच एजेंसियों के लिए रकम को ट्रैक करना बेहद कठिन हो जाता था।

मुखबिर की सूचना से खुला पूरा नेटवर्क

मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में साइबर ठगी की बड़ी रकम गोल्ड लोन खातों में जमा होने की पुष्टि हुई। इसके बाद मणप्पुरम फाइनेंस और संबंधित बैंकों से रिकॉर्ड जुटाकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने पूरे नेटवर्क के संचालन का खुलासा किया।

56 ग्राम सोने पर लिया छह बार लोन, 25 लाख रुपये की रकम खपाई

पुलिस के अनुसार आरोपी ने 56 ग्राम सोने के बदले छह बार गोल्ड लोन लिया और साइबर ठगी से प्राप्त करीब 25 लाख रुपये गोल्ड लोन खातों में जमा कर अपने बैंक खातों में राशि प्राप्त की। आरोपी के कब्जे से एक स्विफ्ट कार तथा साइबर अपराध में इस्तेमाल किए गए तीन महंगे मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

पुलिस कर रही नेटवर्क की गहन जांच

साइबर थाना पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि जांच में साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

Share: