बीकानेर महापौर चुनाव में निर्दलीयों की तस्वीर वायरल, भाजपा ने समर्थन का दावा किया

19 Sep 2026 BIKANER
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बीकानेर महापौर चुनाव में निर्दलीयों की तस्वीर वायरल, भाजपा ने समर्थन का दावा किया; क्रॉस वोटिंग की चिंता

बीकानेर। नगर निगम महापौर चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। महापौर पद के लिए भाजपा की ओर से दावेदारी कर रहे सुरेंद्र सिंह शेखावत ने कई निर्दलीय और अन्य पार्षदों के समर्थन का दावा किया है। इसी बीच उनके साथ नजर आ रहे पार्षदों की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

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शेखावत ने तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए दावा किया कि कई निर्दलीय और अन्य प्रत्याशी उनके साथ हैं और भाजपा बोर्ड बनाएगी। तस्वीर के जरिए अपने समर्थन में खड़े पार्षदों को लेकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की गई है। हालांकि, तस्वीर में नजर आ रहे सभी पार्षदों का समर्थन किस रूप में है, इसे लेकर कोई आधिकारिक स्थिति सामने नहीं आई है।

इधर, वायरल तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर ‘सेव बिक गई’, ‘सेव कट गई’ और ‘सीजन से पहले सेव सड़ गई’ जैसे जुमले भी चर्चा में हैं। महापौर चुनाव से पहले निर्दलीय पार्षदों की भूमिका को लेकर दोनों प्रमुख दलों की नजर बनी हुई है।


अनिल कल्ला के नेतृत्व में कांग्रेस बहुमत को लेकर आश्वस्त

दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से महापौर पद के प्रत्याशी अनिल कल्ला के नेतृत्व में पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ बोर्ड बनाने को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है। कांग्रेस के पास 42 पार्षद हैं और पार्टी ने अपने पार्षदों के साथ निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का भी दावा किया है।

महापौर चुनाव में अब दोनों दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने समर्थक पार्षदों को मतदान तक एकजुट रखने की है। यही वजह है कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही अपने-अपने स्तर पर पार्षदों को लेकर पूरी तरह सजग हैं।

21 सितंबर को होगा फैसला

बीकानेर नगर निगम महापौर पद के लिए मतदान 21 सितंबर को होना है। चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस दोनों खेमों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। दोनों दलों की नजर निर्दलीय पार्षदों के रुख पर भी बनी हुई है।

साथ ही दोनों पक्षों के सामने क्रॉस वोटिंग की आशंका भी एक बड़ी चिंता बनी हुई है। ऐसे में मतदान के दिन पार्षदों के वास्तविक रुख से ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।

फिलहाल एक ओर सुरेंद्र सिंह शेखावत समर्थक निर्दलीय पार्षदों की तस्वीर के जरिए अपना दावा मजबूत करने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर अनिल कल्ला के नेतृत्व में कांग्रेस अपने बहुमत के आधार पर बोर्ड बनाने को लेकर आश्वस्त है। अब सभी की नजरें 21 सितंबर के मतदान पर टिकी हैं।

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