बीकानेर। कृषि उन्नति योजना के कृषि विस्तार पर उपमिशन 'आत्मा' के तहत वर्ष 2026-27 में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को राज्य, जिला और पंचायत समिति स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए पात्र किसानों से आवेदन और नामांकन प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 30 नवंबर निर्धारित की गई है।
पंचायत समिति स्तर पर 5 किसानों का होगा चयन
परियोजना निदेशक कृषि 'आत्मा' बनवारी लाल डाबला ने बताया कि प्रत्येक पंचायत समिति स्तर पर पांच अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एक-एक किसान का चयन किया जाएगा। इनमें कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन-डेयरी एवं मत्स्य पालन, जैविक खेती तथा नवाचारी खेती एवं कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन शामिल हैं। इस तरह प्रत्येक पंचायत समिति से कुल पांच किसानों का चयन होगा।
राज्य स्तर तक मिलेगा पुरस्कार
पंचायत समिति स्तर पर चयनित किसानों में से प्रत्येक गतिविधि के दो-दो सर्वश्रेष्ठ किसानों सहित कुल 10 किसानों का चयन जिला स्तर के लिए किया जाएगा। इसके बाद प्रदेश के सभी जिलों से चयनित किसानों में से राज्य स्तर पर प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी में पांच-पांच, यानी कुल 10 सर्वश्रेष्ठ किसानों को सम्मानित किया जाएगा।
पंचायत समिति से राज्य स्तर तक पुरस्कार राशि
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत के अनुसार पंचायत समिति स्तर पर प्रत्येक चयनित किसान को 10 हजार रुपये, जिला स्तर पर 25 हजार रुपये और राज्य स्तर पर 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। पुरस्कार के लिए निर्धारित मापदंडों को पूरा करना जरूरी होगा। आत्मा योजना के तहत पूर्व वर्षों में पुरस्कृत किसानों का दोबारा चयन नहीं किया जाएगा।
कौन कर सकता है नामांकन?
सम्मानित किसानों का चयन जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित आत्मा शासी परिषद द्वारा किया जाएगा। पात्र किसान स्वयं अपना नाम प्रस्तावित कर सकते हैं। इसके अलावा निर्वाचित जनप्रतिनिधि, कोई संस्था या अन्य व्यक्ति भी योग्य किसान का नामांकन कर सकता है।
नामांकन प्रस्ताव के साथ किसान द्वारा कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों का विवरण तथा 5 से 7 फोटोग्राफ संलग्न करना आवश्यक होगा।
इन किसानों को मिलेगी प्राथमिकता
चयन प्रक्रिया में उन किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी जो कृषि विभाग द्वारा निर्धारित 21 मूल मंत्रों की पालना करते हुए प्रमाणित बीजों का उपयोग, बीज उपचार, कृषि यंत्रीकरण, विभागीय पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज और हाईटेक कृषि तकनीकों को अपनाकर गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कर रहे हैं।
उद्यानिकी क्षेत्र में हाईटेक उद्यानिकी, माइक्रो इरिगेशन, फलोद्यान स्थापना, सब्जी उत्पादन और फसलोत्तर प्रबंधन अपनाने वाले किसानों को वरीयता दी जाएगी।
पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन क्षेत्र में उन्नत नस्ल के पशु, नियमित टीकाकरण, संतुलित आहार, कृत्रिम गर्भाधान, अधिक दुग्ध उत्पादन तथा उत्कृष्ट मत्स्य पालन करने वाले किसानों को प्राथमिकता मिलेगी।
जैविक खेती श्रेणी में कम्पोस्ट निर्माण, बीजामृत, वर्मीवॉश, जैविक उत्पाद निर्माण एवं विपणन जैसे कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले किसानों को वरीयता दी जाएगी।
वहीं नवाचारी खेती एवं प्रसंस्करण श्रेणी में मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, अजोला उत्पादन तथा कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन से जुड़े नवाचारों को विशेष महत्व दिया जाएगा।
30 नवंबर तक जमा होंगे आवेदन
योजना के तहत पुरस्कार के लिए आवेदन पत्र एवं नामांकन प्रस्ताव 30 नवंबर तक आमंत्रित किए गए हैं। प्रस्ताव संबंधित सहायक कृषि अधिकारी के माध्यम से उप निदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक 'आत्मा', कृषि भवन बीकानेर कार्यालय में भिजवाए जा सकते हैं।
किसान योजना की पात्रता, चयन प्रक्रिया और अन्य जानकारी के लिए अपने निकटतम कृषि कार्यालय, कृषि पर्यवेक्षक या सहायक कृषि अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।






