बीकानेर में खेजड़ी बचाने का बड़ा अभियान, गंगाशहर-भीनासर गोचर में लगेंगे 11 हजार पौधे
बीकानेर। मरुस्थलीय जीवन और पर्यावरण संरक्षण को बचाने के उद्देश्य से बीकानेर वैचारिक जागरण मंच की ओर से खेजड़ी बचाओ अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत 5 जुलाई को गंगाशहर-भीनासर गोचर भूमि में एक ही दिन में 11 हजार खेजड़ी के पौधे लगाए जाएंगे।
खेजड़ी को बताया देव वृक्ष
मंच के अध्यक्ष एडवोकेट अजय कुमार पुरोहित ने बताया कि खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं बल्कि मरुस्थलीय प्रकृति चक्र की आधारशिला है। यह रेगिस्तानी पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने कहा कि खेजड़ी से चारा, लकड़ी, सांगरी के साथ-साथ भूजल और मिट्टी संरक्षण में भी मदद मिलती है। बिना खेजड़ी के मरुस्थल के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखना मुश्किल है।
सुबह 6 से 10 बजे तक चलेगा पौधारोपण
आयोजन के तहत 5 जुलाई को सुबह 6 बजे से 10 बजे तक जन सहयोग से गोचर भूमि में खेजड़ी के पौधे लगाए जाएंगे। इस अभियान में प्रशासन, सामाजिक संस्थाएं और आमजन की भागीदारी रहेगी।
कई संस्थाएं और सामाजिक संगठन होंगे शामिल
इस अभियान में जिला प्रशासन, नगर निगम, बीकानेर विकास प्राधिकरण, वन विभाग, एनसीसी, स्काउट-गाइड, रोटरी क्लब, लायंस क्लब, महावीर इंटरनेशनल सहित विभिन्न सामाजिक और स्वयंसेवी संगठन सहयोग करेंगे।
इसके अलावा बीकानेर की कृषि, वेटरनरी और एमजीएस यूनिवर्सिटी सहित कई संस्थानों के विद्यार्थी और स्वयंसेवक भी पौधारोपण में भाग लेंगे।
संत समाज और पर्यावरण प्रेमियों की भी रहेगी भागीदारी
आयोजन में संत समाज के प्रतिनिधि, पर्यावरण कार्यकर्ता और खेजड़ी बचाव आंदोलन से जुड़े लोग भी शामिल होंगे। आयोजकों ने शहरवासियों से परिवार सहित इस अभियान में शामिल होकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की है।
खेजड़ी बचाओ अभियान का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए मरुस्थल की प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखना है।




