बीकानेर में कचरा संग्रहण ट्रिपर का कहर: बुजुर्ग को टक्कर मारकर कई मीटर तक घसीटा, हालत चिंताजनक; कंपनी पर फिर उठे सवाल
बीकानेर। शहर में कचरा संग्रहण करने वाली कंपनी की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। नत्थूसर गेट के पास नगर निगम के कचरा संग्रहण ट्रिपर की चपेट में आने से सेवानिवृत्त बैंककर्मी केशव दत्त आचार्य गंभीर घायल हो गए। बताया जा रहा है कि ट्रिपर ने उन्हें टक्कर मारने के बाद कई मीटर तक घसीट दिया। हादसे में आचार्य के गंभीर चोटें आई हैं। उनका पीबीएम अस्पताल में इलाज चल रहा है और हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, हादसे के बाद आचार्य को अस्पताल पहुंचाया गया। सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में डॉ. दिनेश सोढ़ी के सानिध्य में उनकी सर्जरी हुई है। घटना के बाद आमजन में रोष है। कचरा संग्रहण कंपनी के वाहनों के संचालन और नगर निगम की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
भतीजे ने कहा- यह केवल सड़क हादसा नहीं, व्यवस्था पर गंभीर सवाल
केशव दत्त आचार्य के भतीजे शरद आचार्य ने कहा कि यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं है, बल्कि नगर निगम की कार्यप्रणाली, ठेका व्यवस्था और वाहन संचालन की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने कचरा संग्रहण के लिए लगाए गए वाहनों के ठेकों की पारदर्शिता, टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्षता और ठेकेदारों की जवाबदेही की जांच की मांग की। उनका कहना है कि यह भी जांच होनी चाहिए कि ट्रिपर चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस हैं या नहीं, उनकी नियमित मेडिकल और नशे की जांच होती है या नहीं तथा वाहन संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
शरद आचार्य ने कहा कि यदि बिना समुचित जांच, प्रशिक्षण और निगरानी के ऐसे वाहन शहर की सड़कों पर दौड़ रहे हैं, तो यह आम नागरिकों की जान के साथ गंभीर खिलवाड़ है।
करीब 20 दिन पहले पंचशती सर्किल पर भी हुआ था हादसा
बताया जा रहा है कि करीब 20 दिन पहले पंचशती सर्किल क्षेत्र में भी कचरा संग्रहण करने वाले ट्रिपर से हादसा हुआ था। उस दौरान ट्रिपर चालक पर लापरवाही से वाहन चलाते हुए एक मोटरसाइकिल सवार स्कूली बच्चे को टक्कर मारने का आरोप लगा था। हादसे में बच्चे को गंभीर चोटें आई थीं।
घटना के बाद पार्षद मनोज विश्नोई मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी अपलोड किया था। वीडियो में ट्रिपर गलत दिशा में अनियंत्रित तरीके से चलता दिखाई देने का दावा किया गया था। इसके बाद भी निगम की ओर से कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
ट्रिपर चालकों के लाइसेंस और वाहनों के दस्तावेजों पर सवाल
कचरा संग्रहण कंपनी के ट्रिपर चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होने, वाहनों पर नंबर प्लेट गायब होने और आरसी जैसे दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि बिना जरूरी दस्तावेजों के वाहन शहर की सड़कों पर चल रहे हैं और हादसों का कारण बन रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि वाहनों के दस्तावेज और चालकों के लाइसेंस की स्थिति ऐसी है, तो नगर निगम की ओर से ठेका कंपनी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
आमजन के चालान, लेकिन सरकारी काम में लगे वाहनों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
इस मामले में आमजन के साथ होने वाली यातायात कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि बिना नंबर प्लेट या जरूरी दस्तावेजों के वाहन चलाने पर आम नागरिकों के चालान काटे जाते हैं, लेकिन सरकारी कार्यों में लगे कचरा संग्रहण ट्रिपरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने की शिकायत सामने आ रही है।
पार्षद मनोज विश्नोई ने घटना का विरोध जताते हुए कहा कि नगर निगम की जिम्मेदारी केवल शहर का कचरा उठाना नहीं, बल्कि शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्रवाई आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि मामले को दबाने के बजाय इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। कचरा संग्रहण कंपनी के वाहनों के संचालन, चालकों के दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों की जांच की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य नागरिक को इस तरह की घटना का सामना नहीं करना पड़े।
नगर निगम की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
नत्थूसर गेट के पास हुए इस हादसे ने शहर में कचरा संग्रहण व्यवस्था और ठेका कंपनी की जवाबदेही को लेकर बहस तेज कर दी है। लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर निगम इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और घायल केशव दत्त आचार्य की घटना के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है।






