कचरा संग्रहण ट्रिपरों की रवानगी पर विवाद, महापौर की उपेक्षा का आरोप

03 Oct 2026 BIKANER
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बीकानेर। शहर में कचरा संग्रहण के लिए ट्रिपर वाहनों की रवानगी को लेकर शनिवार को विवाद खड़ा हो गया। बिना आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति के ट्रिपरों को हरी झंडी दिखाए जाने और कार्यक्रम में महापौर की उपेक्षा के आरोपों ने राजनीतिक रंग ले लिया है।

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जानकारी के अनुसार उप महापौर पंकज गहलोत की मौजूदगी में विधायक जेठानंद व्यास तथा अन्य भाजपा पार्षदों ने कचरा संग्रहण ट्रिपरों को रवाना किया। यह भी चर्चा का विषय रहा कि पहले यह कार्यक्रम 2 अक्टूबर को प्रस्तावित था, जिसे स्थगित कर शनिवार को आयोजित किया गया।

दस्तावेज पूरे नहीं होने का आरोप

सूत्रों के अनुसार जिस कंपनी को कचरा संग्रहण का ठेका दिया गया है, उसने अभी तक सभी ट्रिपर वाहन उपलब्ध नहीं करवाए हैं। साथ ही वाहनों की आरसी, जीपीएस सिस्टम तथा वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की प्रतियां भी निगम प्रशासन को उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। ऐसे में यदि कोई दुर्घटना होती है तो जिम्मेदारी तय करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

महापौर की उपेक्षा पर कांग्रेस पार्षद नाराज

कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में महापौर अनिल कल्ला की उपेक्षा की गई। कांग्रेस पार्षद मनोज विश्नोई ने कहा कि शहर के विकास में सभी पार्षदों को साथ लेकर चलने के दावों के बावजूद इस तरह की कार्रवाई राजनीतिक मानसिकता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि महापौर की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विश्नोई ने यह भी आरोप लगाया कि कचरा संग्रहण कंपनी को कार्य शुरू होने से पहले ही करोड़ों रुपये का भुगतान कर दिया गया, जबकि कंपनी ने अभी तक पूरी व्यवस्था नहीं की है। उन्होंने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस मामले में पारदर्शिता होनी चाहिए।

निगम अधिकारियों का पक्ष स्पष्ट नहीं

इस पूरे मामले को लेकर निगम अधिकारियों से जानकारी मांगी गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया। ट्रिपरों की रवानगी, दस्तावेजों की स्थिति और भुगतान संबंधी मुद्दों को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।

नोट: दस्तावेजों की कमी, भुगतान और महापौर की उपेक्षा से जुड़े आरोप संबंधित पक्षों द्वारा लगाए गए हैं। निगम प्रशासन और संबंधित कंपनी का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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