सरकारी नौकरी का झांसा देकर 31.70 लाख की ठगी, दो भाइयों को थमाए फर्जी नियुक्ति पत्र

16 Sep 2026 BIKANER
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सरकारी नौकरी का झांसा देकर 31.70 लाख की ठगी, दो भाइयों को थमाए फर्जी नियुक्ति पत्र

बीकानेर। सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर बीकानेर निवासी युवक और उसके भाई से 31 लाख 70 हजार रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि आरोपी ने कृषि विज्ञान केन्द्र बीकानेर में सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा देकर अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई के जरिए रकम ट्रांसफर करवाई। बाद में दोनों भाइयों को दिए गए नियुक्ति पत्र फर्जी निकले। न्यायालय के इस्तगासे पर जयनारायण व्यास कॉलोनी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पूर्व सहपाठी ने नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया

खाटू श्याम नगर, जयपुर रोड निवासी सुन्दर लाल ने न्यायालय में पेश इस्तगासे में आरोप लगाया कि उसका पूर्व सहपाठी प्रेम प्रकाश मेहरा निवासी लूणसरा, नागौर ने दिसंबर 2025 में उसे फोन किया था। आरोपी ने खुद को कृषि विज्ञान केन्द्र उदयपुर में सरकारी कर्मचारी बताते हुए बीकानेर कृषि विज्ञान केन्द्र में अधिकारियों से अच्छी जान-पहचान होने का दावा किया।

परिवादी के अनुसार आरोपी ने सेटिंग के जरिए सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। बाद में वह उसके घर भी आया, जिसके बाद सुन्दर लाल ने अपने दस्तावेजों की प्रतियां आरोपी को दे दीं।

अलग-अलग खातों और UPI से रकम ट्रांसफर

रिपोर्ट के अनुसार 29 दिसंबर 2025 से आरोपी के कहने पर परिवादी ने अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवाना शुरू किया। इसके बाद आरोपी ने सुन्दर लाल के भाई मनोज को भी कृषि विज्ञान केन्द्र बीकानेर में सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। दोनों भाइयों से अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई माध्यमों से लगातार रकम ट्रांसफर करवाए जाने का आरोप है।

दोनों भाइयों को दिए नियुक्ति पत्र

परिवादी का आरोप है कि 8 और 9 मार्च 2026 को आरोपी ने उसके और उसके भाई मनोज के नाम से कृषि विज्ञान केन्द्र बीकानेर के प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर के नाम से नियुक्ति पत्र तैयार कर उन्हें दिए। आरोपी दोनों भाइयों को कृषि विज्ञान केन्द्र भी लेकर गया। वहां कुछ देर बाद बाहर आकर अधिकारियों द्वारा बाद में बुलाए जाने की बात कही गई।

इसके बाद भी अलग-अलग खातों में रकम जमा करवाने का सिलसिला जारी रहा। इस्तगासे के अनुसार 11 जून 2026 तक आरोपी द्वारा बताए गए विभिन्न खातों में रकम ट्रांसफर करवाई गई, जबकि कुछ राशि नकद भी ली गई। परिवादी ने कुल 31 लाख 70 हजार रुपए लिए जाने का आरोप लगाया है।

जांच में नियुक्ति पत्र फर्जी होने का दावा

परिवादी के अनुसार बाद में दोनों नियुक्ति पत्रों की जांच करने पर उनके फर्जी होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद उसने आरोपी से रकम वापस मांगी। आरोप है कि 18 जून को आरोपी ने मैसेज के जरिए पूरी रकम वापस करने की बात कही, लेकिन रकम वापस नहीं की।

सुन्दर लाल का आरोप है कि इसके बाद आरोपी अपना फोन बंद कर लेता था। संपर्क करने पर मुकदमा करने की स्थिति में उल्टा फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

लेन-देन और चैट के सबूत देने का दावा

परिवादी ने आरोप लगाया कि आरोपी अन्य लोगों को भी सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर रकम लेने का काम कर रहा है। उसने रकम ट्रांसफर करने की रसीदें, यूपीआई लेन-देन के स्क्रीनशॉट, व्हाट्सऐप चैट और कथित फर्जी नियुक्ति पत्रों की प्रतियां पुलिस को उपलब्ध कराने की बात कही है।

शिकायत के बाद न्यायालय पहुंचा परिवादी

परिवादी के अनुसार उसने 3 अगस्त 2026 को जयनारायण व्यास कॉलोनी थाने में शिकायत दी थी। इसके बाद 5 अगस्त को पुलिस अधीक्षक बीकानेर को भी शिकायत दी गई। मामला दर्ज नहीं होने पर उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

न्यायालय के इस्तगासे के बाद जयनारायण व्यास कॉलोनी थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्रकरण की जांच एसआई पांचाराम को सौंपी गई है। पुलिस अब बैंक खातों, यूपीआई लेन-देन, कथित नियुक्ति पत्रों और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।

नोट: 31.70 लाख रुपए की धोखाधड़ी, फर्जी नियुक्ति पत्र और अन्य आरोप परिवादी की शिकायत में लगाए गए हैं। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।

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