बीकानेर में कांग्रेस-भाजपा की बाड़ाबंदी की तैयारी, जीताऊ निर्दलीयों पर भी नजर
बीकानेर। बीकानेर नगर निगम चुनाव में मतदान खत्म होने के बाद अब कांग्रेस और भाजपा ने अपने-अपने प्रत्याशियों को लेकर रणनीति तेज कर दी है। दोनों प्रमुख दलों ने प्रत्याशियों पर नजर रखना शुरू कर दिया है और उन्हें एक जगह जुटाने की तैयारियां चल रही हैं। राजनीतिक हलकों में अब संभावित बाड़ाबंदी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों को मीटिंग के नाम पर होटल में बुलाना शुरू कर दिया है। वहीं भाजपा की ओर से भी अपने प्रत्याशियों को एकजुट रखने की रणनीति तैयार की जा रही है। खास बात यह है कि भाजपा की नजर कुछ मजबूत निर्दलीय प्रत्याशियों पर भी बताई जा रही है, ताकि बोर्ड बनाने के समीकरण में जरूरत पड़ने पर उनका समर्थन हासिल किया जा सके।
कांग्रेस ने सभी 79 प्रत्याशियों को बुलाया
बुधवार को मतदान समाप्त होने के बाद कांग्रेस ने अपने सभी 79 प्रत्याशियों को व्यक्तिगत रूप से फोन कर मीटिंग के लिए बुलाया। बताया जा रहा है कि प्रत्याशियों की बैठक एक होटल में रखी गई है। इसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला, पूर्व शहर अध्यक्ष यशपाल गहलोत और वर्तमान शहर अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल प्रत्याशियों से चर्चा करेंगे।
कांग्रेस की इस बैठक को चुनाव परिणाम से पहले अपने प्रत्याशियों को एकजुट रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक 14 सितंबर को परिणाम आने तक विजेता प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी की जा सकती है।
जीत के बाद पार्षदों को बीकानेर से बाहर रखने की तैयारी?
कांग्रेस खेमे में इस बात पर भी मंथन चल रहा है कि यदि पार्टी नगर निगम में बोर्ड बनाने की स्थिति में आती है तो विजेता पार्षदों को एकजुट कैसे रखा जाए। इसके लिए उन्हें बीकानेर से बाहर ले जाने की रणनीति पर भी विचार किया जा सकता है।
यदि बहुमत का आंकड़ा हासिल करने के लिए किसी तरह की राजनीतिक जोड़-तोड़ की स्थिति बनती है तो कांग्रेस अपने पार्षदों को राजस्थान से बाहर रखने का विकल्प भी अपना सकती है। हालांकि यह अभी पार्टी की संभावित रणनीति के तौर पर ही सामने आ रहा है।
भाजपा ने भी प्रत्याशियों पर नजर रखी
उधर भाजपा ने भी अपने प्रत्याशियों को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। हालांकि अभी तक औपचारिक रूप से बाड़ाबंदी शुरू नहीं की गई है। पार्टी का मुख्य फोकस फिलहाल जिले की छह नगर पालिकाओं के चुनाव पर बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को नगर पालिकाओं के चुनाव समाप्त होने के बाद भाजपा अपने नगर निगम प्रत्याशियों को एक जगह जुटाने की दिशा में कदम बढ़ा सकती है। इससे पहले प्रत्याशियों को बीकानेर से बाहर नहीं जाने के निर्देश दिए जाने की चर्चा है।
जीताऊ निर्दलीय प्रत्याशियों पर भी भाजपा की नजर
नगर निगम चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। भाजपा की नजर उन निर्दलीय प्रत्याशियों पर बताई जा रही है, जिन्हें चुनाव में मजबूत स्थिति में माना जा रहा है।
दरअसल, यदि किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो बोर्ड बनाने के लिए निर्दलीय पार्षद निर्णायक भूमिका में आ सकते हैं। ऐसे में दोनों दलों के लिए जीतने वाले निर्दलीय प्रत्याशी महत्वपूर्ण हो जाएंगे। भाजपा इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए अभी से अपनी रणनीति तैयार कर रही है।
नगर पालिका चुनाव के बाद भाजपा का अगला फोकस बीकानेर नगर निगम
फिलहाल भाजपा का ध्यान जिले की छह नगर पालिकाओं के चुनाव पर है। पार्टी की कोशिश इन निकायों में अपना बोर्ड बनाने की है। नगर पालिका चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर निगम प्रत्याशियों को लेकर पार्टी की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार यदि 14 सितंबर को आने वाले परिणामों में भाजपा नगर निगम में बोर्ड बनाने की स्थिति में नजर आती है तो विजेता पार्षदों को राजस्थान के किसी अन्य जिले में रखने की रणनीति बनाई जा सकती है। प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के कारण पार्टी के स्तर पर उन्हें राजस्थान से बाहर ले जाने की आवश्यकता नहीं मानी जा रही है।
14 सितंबर के नतीजे तय करेंगे नगर निगम का समीकरण
बीकानेर नगर निगम में किस दल का बोर्ड बनेगा, इसका फैसला 14 सितंबर के चुनाव परिणाम के बाद होगा। लेकिन मतदान खत्म होते ही दोनों प्रमुख दलों की सक्रियता ने साफ कर दिया है कि बहुमत से लेकर निर्दलीयों के समर्थन तक हर संभावित समीकरण पर नजर रखी जा रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि किस पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलता है और यदि बहुमत का आंकड़ा नहीं बनता है तो निर्दलीय पार्षद किस खेमे में जाते हैं। यही समीकरण बीकानेर नगर निगम के अगले बोर्ड की तस्वीर तय करेंगे।
नोट: बाड़ाबंदी, निर्दलीय प्रत्याशियों पर नजर और संभावित रणनीतियों से जुड़ी जानकारी सूत्रों के हवाले से है। पार्टियों की ओर से इन सभी तैयारियों की आधिकारिक पुष्टि अलग-अलग स्तर पर होना बाकी है।





