Bikaner News: जमीन विवाद में मारपीट, फॉर्च्यूनर में तोड़फोड़, 6300 ईंटें हड़पने और धमकी देने का मामला दर्ज
बीकानेर. मुक्ताप्रसाद नगर थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर मारपीट, तोड़फोड़, चोरी और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने परिवादी की रिपोर्ट के आधार पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एसआई रूपाराम को सौंपी गई है।
जमीन बंटवारे को लेकर हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार बासी निवासी एवं वर्तमान में कृष्णा विहार कॉलोनी, जैसलमेर रोड निवासी ओमप्रकाश सिहाग ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उन्होंने जालूजी की खेड़ी क्षेत्र में अलग-अलग समय पर दो भूखंड खरीदे थे। बाद में रास्ते के लिए जमीन छोड़े जाने पर उन्हें दूसरी जगह भूमि का तबादला किया गया। इसी क्षेत्र में अन्य हिस्सेदारों के साथ भूमि बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था।
गाड़ी में तोड़फोड़ और हमला करने का आरोप
परिवादी का आरोप है कि 21 जून को जब वह अपनी जमीन देखने पहुंचे तो भंवरलाल तर्ड, राजूराम तर्ड सहित अन्य लोगों ने उन पर हमला कर दिया और उनकी गाड़ी के आगे का शीशा तोड़ दिया। इसके बाद पंच-पंचायत में आपसी सहमति से अंतिम बंटवारा होने तक किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं करने का निर्णय लिया गया था।
फॉर्च्यूनर के शीशे तोड़े, 6300 ईंटें उपयोग करने का आरोप
रिपोर्ट के अनुसार 1 जुलाई को आरोपी दोबारा विवादित जमीन पर निर्माण कार्य करवा रहे थे। विरोध करने पर आरोपियों ने कथित रूप से लाठी, सरियों और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया तथा परिवादी की फॉर्च्यूनर कार के साइड शीशे तोड़ दिए।
परिवादी ने आरोप लगाया कि मौके पर रखी उसकी करीब 6300 पक्की ईंटों का निर्माण कार्य में उपयोग कर लिया गया तथा बची हुई ईंटों को भी खुर्द-बुर्द कर दिया गया।
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बेटी को धमकी देने का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बाद में आरोपियों ने परिवादी की बेटी, जो एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी है, को फोन कर गाली-गलौज की और पूरे परिवार को जान से मारने तथा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
मुक्ताप्रसाद नगर थाना पुलिस ने परिवादी की रिपोर्ट के आधार पर भंवरलाल तर्ड, राजूराम तर्ड, दिनेश तर्ड सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
नोट: यह समाचार पुलिस में दर्ज रिपोर्ट पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।




