बीकानेर। पंचायत राज आम चुनाव 2026 के मद्देनजर जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट निशान्त जैन ने जिले में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुरक्षित मतदान सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 29 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे।
हथियार लेकर चलने और प्रदर्शन पर रोक
आदेश के अनुसार बीकानेर, नोखा, पांचू, जसरासर, खाजूवाला, पूगल, छत्तरगढ़, रूणिया, हंदा, बीठनोक, बज्जू, कोलायत, श्रीडूंगरगढ़, रिड़ी और लूणकरणसर पंचायत समिति क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति के अस्त्र-शस्त्र लेकर चलने और सार्वजनिक प्रदर्शन पर प्रतिबंध रहेगा। इसमें रिवॉल्वर, पिस्टल, बंदूक, बीएल गन, राइफल, तलवार, गंडासा, फरसा, चाकू, भाला, कृपाण सहित अन्य धारदार हथियार शामिल हैं।
यह प्रतिबंध सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान सशस्त्र पुलिस, सिविल पुलिस, होमगार्ड तथा कानून-व्यवस्था के लिए हथियार रखने के अधिकृत राज्य एवं केंद्र कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। सिख समुदाय के व्यक्तियों को धार्मिक परंपरा के अनुसार निर्धारित कृपाण रखने की छूट रहेगी।
शस्त्र अनुज्ञा पत्र के नवीनीकरण के लिए हथियार निरीक्षण करवाने या पुलिस थाने में जमा करने के लिए ले जाने पर भी यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। वृद्ध एवं दिव्यांग व्यक्तियों को सहारे के लिए इस्तेमाल की जाने वाली लाठी तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे खिलाड़ियों को छूट दी गई है। जिले से बाहर का कोई व्यक्ति भी प्रतिबंधित क्षेत्र में इस प्रकार के हथियार नहीं ला सकेगा और न ही उनका सार्वजनिक प्रदर्शन कर सकेगा।
लाउडस्पीकर के लिए लेनी होगी अनुमति
चुनाव अवधि के दौरान जुलूस, सभा और सार्वजनिक मीटिंग में लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए संबंधित क्षेत्र के उपखंड मजिस्ट्रेट से लिखित अनुमति लेना जरूरी होगा। निर्धारित डेसीबल सीमा के भीतर सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही अनुमति के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग किया जा सकेगा।
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। मतदान समाप्ति से 48 घंटे पहले से मतदान केंद्र के 100 मीटर क्षेत्र में भी लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक रहेगी। अस्पताल, स्कूल और धार्मिक स्थलों के 100 मीटर क्षेत्र में लाउडस्पीकर का उपयोग पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा।
वाहन पर लाउडस्पीकर लगाने के लिए आवेदन में वाहन नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर और वाहन का प्रकार बताना होगा। सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के बाद ही इसका उपयोग किया जा सकेगा।
रैली, जुलूस और आमसभा के लिए पूर्व अनुमति जरूरी
पुलिस विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना कोई व्यक्ति, राजनीतिक दल या संस्था रैली, जुलूस, आमसभा या धरने का आयोजन नहीं कर सकेगी। हालांकि, यह प्रतिबंध बारात और शवयात्रा पर लागू नहीं होगा। चुनाव प्रचार के दौरान वाहनों से यातायात बाधित करने पर भी रोक रहेगी और चुनाव प्रचार के लिए वाहनों का उपयोग निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही करना होगा।
सोशल मीडिया पर धार्मिक और जातिगत द्वेष फैलाने पर रोक
आदेश के तहत किसी भी अभ्यर्थी या राजनीतिक दल को दूसरे अभ्यर्थी के निजी जीवन को लेकर आपत्तिजनक भाषण या प्रचार सामग्री के जरिए टिप्पणी करने से रोक दिया गया है। धर्मस्थलों का उपयोग चुनाव प्रचार के मंच के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
कोई व्यक्ति या संस्था इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप, यूट्यूब और इंस्टाग्राम के जरिए धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष या दुष्प्रचार नहीं कर सकेगा। साम्प्रदायिक सद्भाव को ठेस पहुंचाने वाले पोस्टर, बैनर, पर्चे या अन्य चुनाव सामग्री के प्रकाशन और वितरण पर भी रोक रहेगी।
विस्फोटक और शराब को लेकर भी प्रतिबंध
चुनाव अवधि में किसी भी व्यक्ति को विस्फोटक सामग्री, अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ या घातक रासायनिक पदार्थ लेकर चलने या उनका उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन करने और करवाने पर भी रोक रहेगी। अधिकृत विक्रेताओं को छोड़कर कोई व्यक्ति निजी उपयोग के अलावा किसी अन्य के लिए सार्वजनिक स्थल से शराब लेकर आवागमन नहीं कर सकेगा।
सार्वजनिक भवनों पर प्रचार सामग्री लगाने पर रोक
सार्वजनिक भवनों और स्थानों पर कटआउट, पोस्टर, बैनर या अन्य चुनाव प्रचार सामग्री लगाने तथा नारे लिखने पर रोक रहेगी। निजी भवन, स्थल या संपत्ति का चुनाव प्रचार के लिए इस्तेमाल भी मालिक या धारक की पूर्व लिखित अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा।
मतदान केंद्र के 100 मीटर क्षेत्र में कई प्रतिबंध
मतदान दिवस पर मतदान केंद्र और उसकी 100 मीटर परिधि में प्रचार-प्रसार तथा मतदाताओं से मत मांगने पर रोक रहेगी। राजनीतिक दल और उम्मीदवार मतदान केंद्र से 200 मीटर की परिधि में चुनावी कैंप नहीं लगा सकेंगे।
मतदान केंद्र के 100 मीटर क्षेत्र में पांच या उससे अधिक अनधिकृत अथवा अवांछित व्यक्तियों के एकत्र होने पर भी रोक रहेगी। मतदान दिवस के दिन मतदान केंद्र तथा मतगणना दिवस पर मतगणना केंद्र के 100 मीटर क्षेत्र में मोबाइल फोन, सेल फोन और वायरलेस लेकर चलने या उनका उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। चुनाव ड्यूटी में तैनात पुलिस अधिकारी और अन्य अधिकृत कर्मचारी इससे मुक्त रहेंगे।
मतदाताओं को वाहनों से लाने-ले जाने पर रोक
राजनीतिक दल और उम्मीदवार ऐसे मतदाताओं को, जो उनके परिवार के सदस्य नहीं हैं, वाहनों से मतदान केंद्र तक लाने या मतदान के बाद वापस ले जाने की व्यवस्था नहीं कर सकेंगे।
चुनाव परिणाम के बाद विजय जुलूस पर भी रोक
जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुसार चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विजय जुलूस निकालने पर भी प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग तथा जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आदेश की अवहेलना भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत दंडनीय होगी।







