देशनोक में करोड़ो की सरकारी राशि के भुगतान का मामला, निलंबित कार्मिक की बर्खास्तगी

07 Oct 2026 BIKANER
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देशनोक। देशनोक नगर पालिका में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी करीब 2.83 करोड़ रुपए की सरकारी राशि के कथित अनियमित भुगतान के मामले में नगर पालिका प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। अधिशाषी अधिकारी रविन्द्र सिंह ने निदेशक एवं संयुक्त सचिव, स्वायत्त शासन विभाग, जयपुर को पत्र भेजकर निलंबित कार्मिक सुरेंद्र सिंह टिण्डल को सेवा से बर्खास्त करने तथा पुलिस प्राथमिकी दर्ज कराने की अनुशंसा की है।

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49 बिलों की जांच में 2.83 करोड़ के भुगतान का खुलासा

कार्यालयी पत्र और जांच रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना शाखा में कार्यरत रहते हुए सुरेंद्र सिंह टिण्डल के कार्यकाल से संबंधित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की गई। ऑनलाइन भुगतान पोर्टल के निरीक्षण और जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर नवंबर 2025 से जून 2026 तक के कुल 49 बिलों की जांच की गई।

जांच में सामने आया कि कथित रूप से अवैध लाभार्थियों के खातों में कुल 2,83,80,000 रुपए की राजकीय राशि का भुगतान किया गया।

84 लाख रुपए के बिलों से जुड़ा मामला

जानकारी के अनुसार 25 जून को कुल 84 लाख रुपए के बिल भिजवाए गए थे। इन बिलों को निरस्त करने संबंधी पत्र ईमेल के माध्यम से आगे नहीं भेजे जाने के कारण 84 लाख रुपए कथित रूप से लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित हो गए।

नगरपालिका के अनुसार कार्मिक द्वारा पूर्व में 84 लाख रुपए जमा कराए जा चुके हैं। इसके बावजूद जांच के अनुसार 1,99,80,000 रुपए की राशि अभी भी असूल योग्य बताई गई है।

रिकॉर्ड और चार्ज नहीं सौंपने का भी आरोप

जांच समिति और उच्चाधिकारियों की ओर से मौका दिए जाने के बावजूद कार्मिक द्वारा संपूर्ण रिकॉर्ड एवं चार्ज सुपुर्द नहीं करने तथा जांच कमेटी के समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण नहीं देने की बात भी सामने आई है। कार्यालय के अनुसार आदेशों की अवहेलना और लापरवाही के चलते 23 सितंबर को उन्हें निलंबित किया गया था।

बर्खास्तगी और FIR की अनुशंसा

नगर पालिका प्रशासन ने मामले में राजस्थान सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन और वित्तीय अनियमितताओं का हवाला देते हुए स्वायत्त शासन विभाग से संबंधित कार्मिक को सेवा से बर्खास्त करने की अनुशंसा की है। साथ ही भारतीय न्याय संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पुलिस में मामला दर्ज कराने की कार्रवाई की अनुशंसा भी की गई है।

नोट: वित्तीय अनियमितता और सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोप जांच एवं आगे की कानूनी कार्रवाई के अधीन हैं।

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