कोलायत में पेयजल के लिए 58 करोड़ की डीपीआर, 63 गांवों को मिलेगा लाभ
बीकानेर। कोलायत विधानसभा क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 58.04 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजी गई है। विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने बताया कि मुख्यमंत्री बजट घोषणा वर्ष 2026-27 के तहत गजनेर लिफ्ट परियोजना और कोलायत लिफ्ट परियोजना के अंतिम छोर के गांवों में पेयजल व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है।
विधायक भाटी के अनुसार क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री के समक्ष क्षेत्र की आवश्यकता रखी थी। इसके बाद इन कार्यों को बजट घोषणा वर्ष 2026-27 में शामिल किया गया। परियोजना के क्रियान्वयन से कोलायत विधानसभा क्षेत्र के 63 गांवों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की संभावना है।
3 पम्प हाउस और 97 किलोमीटर पाइपलाइन का प्रस्ताव
प्रस्तावित परियोजना के तहत 3 नए पम्प हाउस, 3 जलाशय, 2 पानी की टंकियां और करीब 97 किलोमीटर डीआई पाइपलाइन बिछाने के कार्य प्रस्तावित हैं। डीपीआर की स्वीकृति मिलने के बाद इन कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
खिखनिया क्षेत्र में पम्प हाउस और टंकियां बनेंगी
विधायक भाटी ने बताया कि परियोजना के तहत खिखनिया में नया पम्प हाउस और स्वच्छ जलाशय बनाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा खिखनिया और खजोड़ा में पानी की टंकियों का निर्माण प्रस्तावित है। इन कार्यों से खिखनिया, खिन्दासर, भेलू, खजोड़ा और हनुमाननगर सहित आसपास के गांवों को पेयजल व्यवस्था में लाभ मिलने की संभावना है।
इन गांवों तक बिछेगी नई पाइपलाइन
हदां पम्प हाउस से नई पाइपलाइन बिछाकर सियाणा, नेणिया, बाला का गोल, खाखुसर, खेतोलाई मुलवान, लोहिया, लम्माणा मुलवान और लम्माणा भाटियान सहित आसपास के गांवों तक पेयजल पहुंचाने का प्रस्ताव है।
गंगापुरा क्षेत्र में भी जलहौद और पम्प हाउस का प्रस्ताव
परियोजना के तहत गजनेर-खारी फांटे से गंगापुरा तक अलग पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव है। गंगापुरा में जलहौद और पम्प हाउस का निर्माण भी प्रस्तावित किया गया है। इससे गंगापुरा, मोटावतान और पिलाप क्षेत्र के ग्रामीणों को पेयजल समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने कहा कि डीपीआर की स्वीकृति के बाद कार्यों को जल्द गति दी जाएगी। उद्देश्य कोलायत विधानसभा क्षेत्र के अंतिम छोर तक नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है।






