नापासर में किसी को बहुमत नहीं, 6 निर्दलीयों के हाथ में सत्ता की चाबी
नापासर। नापासर नगर पालिका के पहले चुनाव के सभी 25 वार्डों के परिणाम सामने आ गए हैं। चुनाव नतीजों के साथ ही पालिका का सियासी गणित भी साफ हो गया है। मतदाताओं ने किसी भी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं दिया है।
भाजपा 10 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में सामने आई है। कांग्रेस ने 7 वार्डों में जीत दर्ज की है, जबकि आरएलपी को 2 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 6 वार्डों में जीत मिली है। पालिका में बहुमत के लिए 13 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में 6 निर्दलीय पार्षदों के हाथ में सत्ता की चाबी आ गई है।
भाजपा सबसे बड़ा दल, लेकिन बहुमत से दूर
25 वार्डों वाली नापासर नगर पालिका में भाजपा ने 10 सीटों पर जीत दर्ज की है। भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, लेकिन बहुमत के लिए जरूरी 13 सीटों से वह तीन सीट दूर है।
कांग्रेस के खाते में 7 सीटें आई हैं। वहीं आरएलपी ने 2 वार्डों में जीत दर्ज की है। निर्दलीय प्रत्याशियों ने 6 वार्डों में जीत हासिल कर चुनाव परिणाम को पूरी तरह बहुकोणीय बना दिया है।
6 निर्दलीयों के हाथ में सत्ता की चाबी
नापासर पालिका में बोर्ड बनाने के लिए 13 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। किसी भी दल के पास अपने दम पर बहुमत नहीं है। ऐसे में अब सबसे ज्यादा नजर 6 निर्दलीय पार्षदों पर रहेगी।
भाजपा के पास 10 सीटें हैं और उसे बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए कम से कम 3 और पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
अध्यक्ष पद को लेकर बढ़ेगी सियासी हलचल
चुनाव परिणाम सामने आने के बाद अब अध्यक्ष पद को लेकर सियासी जोड़-तोड़ और चर्चाओं का दौर तेज होने की संभावना है। किस दल को निर्दलीयों का समर्थन मिलता है और कौन सा राजनीतिक समीकरण बनता है, इसी पर पालिका में अगली सत्ता निर्भर करेगी।
नापासर में पहली बार बनी नगर पालिका के पहले चुनाव में किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने से अध्यक्ष पद का चुनाव भी खासा दिलचस्प हो गया है।
भाजपा देहात जिला उपाध्यक्ष ने जताया आभार
इधर, भाजपा देहात जिला उपाध्यक्ष जसवंत देया ने नापासर के मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मतदाताओं का आशीर्वाद और विश्वास पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
चुनाव परिणाम के बाद अब नापासर नगर पालिका में बोर्ड गठन को लेकर सभी की नजरें आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हैं।




