पीबीएम में डिलीवरी के बाद 6 महिलाओं की किडनी फेल! जोधपुर से पहुंची विशेषज्ञों की टीम, जांच शुरू
बीकानेर। बीकानेर का पीबीएम अस्पताल इन दिनों अव्यवस्था और लापरवाही के आरोपों के चलते सुर्खियों में है। अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती हुई छह महिलाओं की अचानक तबीयत बिगड़ने और बाद में उनकी किडनी फेल होने की खबर ने स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार सभी प्रभावित महिलाओं की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका लगातार डायलिसिस किया जा रहा है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। वहीं मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकीय व्यवस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामले ने तूल पकड़ने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा देखने को मिल रहा है। आमजन अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। मंगलवार को दिनभर पीबीएम अस्पताल में हलचल बनी रही और जांच से जुड़ी गतिविधियां तेज रहीं।
जोधपुर से पहुंची छह सदस्यीय विशेषज्ञ टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए जोधपुर से छह सदस्यीय विशेषज्ञ टीम बीकानेर पहुंची। टीम ने पीबीएम अस्पताल के गायनी विभाग, ब्लड बैंक और आईसीयू का निरीक्षण किया। साथ ही मरीजों के उपचार और अस्पताल की व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी जुटाई।
विशेषज्ञ टीम में बायोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. प्रभुत प्रकाश, प्रोफेसर मेडिसिन विंग के डॉ. प्रभात कंवरिया, डॉ. कल्पना मेहता, डॉ. एसएस राठौड़, डॉ. मनोज वर्मा और डॉ. प्रवीण राठौड़ शामिल हैं। टीम ने अस्पताल प्रशासन से विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी ली और संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की।
रिपोर्ट के बाद सामने आएंगे कारण
विशेषज्ञों की टीम पूरे मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ने और किडनी फेल होने के पीछे वास्तविक कारण क्या रहे। फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और अस्पताल प्रशासन भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
सूत्रों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के भी बीकानेर पहुंचने की संभावना है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
फिलहाल प्रभावित महिलाओं का उपचार जारी है और पूरे प्रदेश की नजर इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।




