श्रीडूंगरगढ़। मुंबई से धार्मिक दर्शन के लिए निकले एक प्रवासी दंपती की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव देराजसर और ससुराल कालूबास में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार सुबह दोनों का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
धार्मिक यात्रा पर निकला था परिवार
जानकारी के अनुसार देराजसर निवासी रेवतराम (संतोष) सुथार पुत्र भागीरथ सुथार और उनकी पत्नी सरोज सुथार मुंबई के भायंदर में रहते थे। दोनों अपने पांच वर्षीय बेटे के साथ स्कूटी से तुंगारेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए निकले थे। उनके साथ कुछ अन्य साथी भी अलग-अलग दोपहिया वाहनों पर यात्रा कर रहे थे।
रेनकोट पहनते समय पीछे से आया ट्रक
बताया जा रहा है कि नायगांव के पास हाईवे किनारे बारिश से बचने के लिए रेनकोट पहनने के दौरान यह दर्दनाक हादसा हुआ। इसी दौरान पीछे से आए एक ट्रक ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि हादसे में सरोज सुथार की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे में रेवतराम गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। हादसे में दंपती का पांच वर्षीय बेटा भी घायल हुआ है, जिसका अस्पताल में उपचार जारी है।
गांव पहुंचते ही पसरा मातम
दंपती के शव एम्बुलेंस के जरिए उनके पैतृक गांव लाए गए। रविवार सुबह गमगीन माहौल में दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिचित शामिल हुए। घटना के बाद देराजसर और कालूबास में शोक का माहौल है।
करीब 10-12 साल से मुंबई में रह रहे थे
जानकारी के अनुसार रेवतराम और सरोज पिछले करीब 10 से 12 वर्षों से मुंबई में रहकर रोजगार कर रहे थे। धार्मिक दर्शन के लिए निकली यह यात्रा उनके परिवार के लिए जिंदगी की सबसे दर्दनाक घटना बन गई। हादसे में पांच वर्षीय बेटे के घायल होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।





