श्रीडूंगरगढ़ में नाबालिग छात्र का स्कूल के बाहर से अपहरण! मारपीट कर जबरन शराब पिलाने और 1 लाख की फिरौती मांगने का आरोप
श्रीडूंगरगढ़। बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्र के कथित अपहरण का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल से बाहर निकलते ही नाबालिग को बाइक पर जबरन बैठाकर ले जाया गया। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई, जबरन शराब पिलाई गई और परिजनों से एक लाख रुपए की फिरौती मांगने का दबाव बनाया गया। घटना को लेकर छात्र के पिता ने पुलिस थाने में नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चूंकि मामला अनुसूचित जाति के पीड़ित परिवार से जुड़ा है, इसलिए प्रकरण की जांच सीओ श्रीडूंगरगढ़ निकेत पारीक को सौंपी गई है।
स्कूल से निकलते ही नाबालिग को बाइक पर बैठाकर ले जाने का आरोप
पुलिस को दी रिपोर्ट में ऊपनी निवासी खिराजराम पुत्र रामूराम मेघवाल ने बताया कि उनका नाबालिग बेटा कक्षा 11वीं में पढ़ता है। आरोप है कि 22 अगस्त को दोपहर करीब 1:30 बजे स्कूल से बाहर निकलने के बाद वीरेंद्र जाट और राजूराम के मामा ने उसे बाइक पर जबरन बैठा लिया और वहां से ले गए।
परिवादी के अनुसार मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन आरोपियों ने कथित रूप से मारपीट करते हुए नाबालिग को अपने साथ ले गए। मामले में कल्याणसर पुराना निवासी वीरेंद्र जाट, रामचंद्र जाट, ऊपनी निवासी राजूराम जाट और राजूराम के मामा को आरोपी बनाया गया है।
धार्मिक स्थल पर ले जाने और मारपीट का आरोप
रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी नाबालिग को एक धार्मिक स्थल पर लेकर गए, जहां पहले से लाखनसर निवासी एक अन्य नाबालिग मौजूद था। परिवादी का आरोप है कि वहां उसके बेटे के साथ बेल्ट, लात-मुक्कों से मारपीट की गई। इसके बाद परिजनों से एक लाख रुपए मंगवाने की बात कही गई।
रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि नाबालिग को जातिसूचक शब्द कहे गए तथा उसे गांव में निर्वस्त्र घुमाने और जान से मारने की धमकी दी गई। मारपीट के कारण बालक के शरीर पर कई चोटें आने की बात भी सामने आई है।
जबरन शराब पिलाने और वीडियो बनाने का आरोप
परिवादी ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने नाबालिग को जबरन शराब पिलाई और उसके साथ की गई मारपीट का वीडियो भी बनाया। आरोप है कि यह वीडियो आरोपी राजूराम ने अपनी आईडी से अपलोड किया। हालांकि वीडियो और अन्य आरोपों की वास्तविकता की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
दूसरे अपहृत किशोर के शोर मचाने पर बचा नाबालिग
रिपोर्ट के अनुसार उसी स्थान पर पहले से मौजूद एक अन्य नाबालिग किशोर ने शोर मचाया। शोर सुनकर कुछ लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद परिवादी के बेटे को वहां से छुड़ाया गया। घटना की जानकारी मिलने पर परिवादी ने डायल 112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुके थे।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, सीओ कर रहे जांच
श्रीडूंगरगढ़ पुलिस ने परिवादी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपों की जांच के साथ-साथ घटनास्थल, वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों और मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जानकारी जुटा रही है।
मामला अनुसूचित जाति के पीड़ित परिवार से संबंधित होने के कारण प्रकरण की जांच सीओ श्रीडूंगरगढ़ निकेत पारीक को सौंपी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना में कितने लोग शामिल थे और वारदात के पीछे वास्तविक कारण क्या था।
नोट: यह खबर पुलिस में दर्ज रिपोर्ट और परिवादी द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।





