भीखाराम नायक की मौत पर दूसरे दिन भी बवाल, शव के पास धरना; गिरफ्तारी तक उठाने से इनकार
बज्जू। रणजीतपुरा थाना क्षेत्र में भीखाराम नायक की मौत का मामला दूसरे दिन भी शांत नहीं हुआ। मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए नामजद शिकायत दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं शव के पास सैकड़ों ग्रामीण और समाज के लोग धरने पर बैठे हैं। पुलिस-प्रशासन और ग्रामीणों के बीच मांगों को लेकर दूसरे दिन भी सहमति नहीं बन पाई।
गिरफ्तारी तक शव नहीं उठाने पर अड़े ग्रामीण
मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि जब तक नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा। धरने पर बैठे लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मौके पर ग्रामीणों और समाज के लोगों की भीड़ जुटी हुई है।
भाई ने दी नामजद शिकायत
मृतक के भाई मामराज नायक निवासी रणजीतपुरा की ओर से थाना अधिकारी को दिए लिखित आवेदन में बताया गया कि उसका भाई भीखाराम नायक खेत मालिक ओमप्रकाश बिश्नोई के खेत में मूंगफली की फसल की खेती का काम करता था।
शिकायत के अनुसार, 7 सितंबर 2026 की रात करीब 12 बजे भीखाराम ने फोन कर बताया कि खेत मालिक ओमप्रकाश बिश्नोई की पत्नी नेनू देवी, पुत्र रवि बिश्नोई और पुत्री रामकुमारी उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। शिकायत में जातिसूचक और अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है।
फोन पर परिवार से मांगी मदद
परिजनों के अनुसार, भीखाराम ने फोन पर परिवार से मदद मांगी और कहा कि उसे बचा लिया जाए, वरना उसे जान से मार दिया जाएगा। इसके बाद वह जान बचाने के लिए खेत के पड़ोसी के घर की तरफ चला गया।
नहर के पास झाड़ियों में मिला भीखाराम
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पड़ोसी के घर से अपने घर की ओर जाते समय रवि बिश्नोई और अन्य लोग उसके पीछे आए और उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि बाद में उसे नहर के पास झाड़ियों में फेंक दिया गया।
परिजनों के मुताबिक, रात करीब 2 बजे मामराज, चेनाराम और दुलाराम मौके पर पहुंचे। वहां भीखाराम नहर के पास झाड़ियों में मिला। इसके बाद पुलिस प्रशासन को घटना की सूचना दी गई।
परिजनों ने धमकी देने का भी लगाया आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के संबंध में खेत मालिक से बात करने पर परिजनों को धमकाया गया। पुलिस के मौके पर पहुंचने के दौरान आरोपी पक्ष के एक व्यक्ति के वाहन लेकर वहां से चले जाने का भी शिकायत में उल्लेख किया गया है।
हत्या का मामला दर्ज करने की मांग
मृतक के भाई ने हत्या का मामला दर्ज करने, एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में कार्रवाई करने और नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
दूसरे दिन भी जारी रहा धरना
घटना के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश बना हुआ है। दूसरे दिन भी शव के पास ग्रामीणों और समाज के लोगों का धरना जारी रहा। पुलिस-प्रशासन की ओर से समझाइश और बातचीत के प्रयास किए गए, लेकिन देर तक दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी।
ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही शव उठाया जाएगा।
मौके पर तनावपूर्ण स्थिति
धरने के चलते मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए मौके पर सुरक्षा व्यवस्था रखी गई है।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी मौत की वजह
हालांकि, मृतक के परिजनों की ओर से लगाए गए हत्या और मारपीट के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।
फिलहाल मामला पुलिस जांच के दायरे में है। सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और ग्रामीणों तथा प्रशासन के बीच सहमति कब बनती है।





