स्कूल भवन की मांग पर तीसरे दिन भी धरना, बच्चों संग ग्रामीणों ने की तालाबंदी; पुलिस पर जबरन हटाने का आरोप
खाजूवाला। 1 केजेडी गांव के राजकीय विद्यालय में पर्याप्त भवन की मांग को लेकर बच्चों और ग्रामीणों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर विरोध जताया और बच्चों के साथ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।
भवन की कमी से बच्चों को परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में पर्याप्त भवन नहीं होने के कारण बच्चों को पढ़ाई के दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण लंबे समय से विद्यालय के लिए पर्याप्त भवन उपलब्ध करवाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने के बाद अब उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
तीसरे दिन भी जारी रहा आंदोलन
विद्यालय भवन की मांग को लेकर ग्रामीणों और बच्चों ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी। इसके बाद सभी लोग वहीं धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
पुलिस पर जबरन हटाने का आरोप
धरने पर बैठे ग्रामीणों और बच्चों ने आरोप लगाया कि बुधवार सुबह पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें जबरन धरने से हटाने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, पुलिस ने विद्यालय के मुख्य द्वार पर लगाए गए ताले की चाबी भी छीनने की कोशिश की।
ग्रामीणों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग को लेकर धरना दे रहे हैं और उनका प्रशासन से किसी तरह का बैर-भाव नहीं है। उनका उद्देश्य केवल विद्यालय के लिए पर्याप्त भवन उपलब्ध करवाना है।
बड़े आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग को गंभीरता से नहीं लिया गया और आंदोलन को बलपूर्वक हटाने का प्रयास किया गया, तो वे आंदोलन को बड़े स्तर पर ले जाएंगे। ग्रामीणों ने उपखंड कार्यालय का घेराव करने की भी चेतावनी दी है।
क्या है ग्रामीणों की मांग?
ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि 1 केजेडी गांव के राजकीय विद्यालय के लिए जल्द से जल्द पर्याप्त और सुरक्षित विद्यालय भवन उपलब्ध करवाया जाए। उनका कहना है कि भवन की पर्याप्त व्यवस्था होने से बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा और पढ़ाई में आ रही परेशानियां दूर होंगी।
फिलहाल विद्यालय के बाहर ग्रामीणों और बच्चों का धरना जारी है। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की मांग पर क्या कदम उठाता है और आंदोलन कब समाप्त होता है।





