बीकानेर पहुंचे सेना के जवान का पार्थिव शरीर, सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार की मांग
बीकानेर। अहमदाबाद-बड़ौदा मार्ग पर हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले सेना के जवान मुरली मनोहर सिंह राजपूत का पार्थिव शरीर गुरुवार को बीकानेर पहुंचा। पार्थिव देह के शहर पहुंचते ही मेजर पूर्ण सिंह सर्किल पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आमजन ने पुष्पांजलि अर्पित कर जवान को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान माहौल गमगीन रहा।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में नोखा विधायक सुशीला डूडी, पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया, सीताराम सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस दौरान लोगों ने जवान का अंतिम संस्कार सेना की परंपराओं और पूरे सैन्य सम्मान के साथ किए जाने की मांग की।
नोखा विधायक ने कहा- देश के लाल को मिले पूरा सम्मान
नोखा विधायक सुशीला डूडी ने कहा कि मुरली मनोहर सिंह देश का लाल था और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपनी सेवाएं दे रहा था। उन्होंने कहा कि ऐसे जवान को अंतिम विदाई भी पूरे सैन्य सम्मान के साथ मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की।
परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग
पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया ने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि यह पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने सैन्य प्रशासन से जवान का अंतिम संस्कार पूरे मान-सम्मान के साथ कराने का आग्रह किया।
महिया ने बताया कि मुरली मनोहर सिंह परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके पीछे पत्नी और दो बेटियां हैं। उन्होंने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की, ताकि परिवार को आर्थिक संबल मिल सके। साथ ही जवान की स्मृति में उनकी प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी रखी।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल
श्रद्धांजलि सभा में मौजूद सीताराम ने भी सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सेना के जवान को अंतिम विदाई पूरे सम्मान के साथ मिलनी चाहिए।
सीताराम ने जिला सैनिक कल्याण अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अधिकारी पूरे घटनाक्रम के दौरान उदासीन रहे और मौके पर नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि ऐसे दुखद अवसर पर अधिकारी की मौजूदगी होनी चाहिए थी।
उन्होंने यह भी कहा कि देर रात तक सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए लोगों में आशंका है कि जवान को उचित सैन्य सम्मान मिल पाएगा या नहीं।
विधानसभा में मुद्दा उठाने की मांग
सीताराम ने कहा कि सेना की परंपराओं और प्रोटोकॉल के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने का आग्रह किया, ताकि भविष्य में देश की सेवा करते हुए जान गंवाने वाले प्रत्येक सैनिक को अंतिम विदाई के समय सैन्य सम्मान सुनिश्चित किया जा सके।
अहमदाबाद-बड़ौदा मार्ग पर हुआ था हादसा
गौरतलब है कि श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के दुलचासर गांव निवासी सेना के जवान मुरली मनोहर सिंह राजपूत का अहमदाबाद और बड़ौदा के बीच हुए सड़क हादसे में निधन हो गया था। उनके पार्थिव शरीर के बीकानेर पहुंचने पर लोगों ने अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई की मांग की।






