दीपावली 2026 पर लक्ष्मी पूजा के मंत्र और विधि, वृषभ-सिंह लग्न में साधना का विशेष महत्व

05 Nov 2026 VASTU
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दीपावली 2026 पर लक्ष्मी पूजा के मंत्र और विधि | Aapni Awaj

दीपावली 2026 पर लक्ष्मी पूजा के मंत्र और विधि, वृषभ-सिंह लग्न में साधना का विशेष महत्व

धर्म-ज्योतिष | Aapni Awaj

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दीपावली पर माता महालक्ष्मी की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ लक्ष्मी पूजा करने तथा मंत्र जाप करने से धन, वैभव, सुख-समृद्धि और सौभाग्य की कामना की जाती है। दीपावली की रात्रि में प्रदोष काल और स्थिर लग्न के दौरान की गई पूजा को विशेष फलदायी माना जाता है।

ज्योतिषीय मान्यताओं में वृषभ और सिंह लग्न को स्थिर लग्न कहा जाता है। इन लग्नों में पूजा और साधना को धन-संपत्ति, प्रतिष्ठा और स्थिरता की कामना से जोड़ा जाता है। ये धार्मिक मान्यताएं हैं; पूजा का समय और विधि स्थानीय पंचांग तथा परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है।

दीपावली पर लक्ष्मी पूजा का महत्व

मान्यता है कि चतुर्दशी को अलक्ष्मी का प्रभाव क्षीण होता है और अमावस्या की रात्रि माता महालक्ष्मी के आगमन का उत्सव मनाया जाता है। इस अवसर पर घरों और प्रतिष्ठानों में दीप प्रज्वलित कर माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और अन्य देवी-देवताओं की पूजा की जाती है।

परंपरा के अनुसार लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में की जाती है। पूजा का सटीक मुहूर्त जानने के लिए अपने क्षेत्र के पंचांग या स्थानीय ज्योतिषाचार्य से पुष्टि करना उचित रहेगा।

जन्म राशि के अनुसार विचारणीय लग्न

ज्योतिषीय परंपरा में जन्म राशि के स्वामी ग्रह के आधार पर पूजा के लिए लग्न पर विचार किया जाता है। नीचे दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है।

जन्म राशि स्वामी ग्रह विचारणीय लग्न
मेषमंगलवृषभ लग्न
वृषभशुक्रवृषभ लग्न
मिथुनबुधवृषभ या सिंह लग्न
कर्कचंद्रवृषभ लग्न
सिंहसूर्यसिंह लग्न
कन्याबुधवृषभ या सिंह लग्न
तुलाशुक्रवृषभ लग्न
वृश्चिकमंगलसिंह लग्न
धनुगुरुवृषभ या सिंह लग्न
मकरशनिवृषभ लग्न
कुंभशनिसिंह लग्न
मीनगुरुवृषभ या सिंह लग्न

वृषभ लग्न: धन और स्थायी समृद्धि

वृषभ लग्न को शुक्र के प्रभाव वाला स्थिर लग्न माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस लग्न में पूजा धन, वैभव, व्यापार, पारिवारिक सुख और आर्थिक स्थिरता की कामना से की जाती है।

मंत्र: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥

सिंह लग्न: प्रतिष्ठा और राजवैभव

सिंह लग्न सूर्य के प्रभाव वाला स्थिर लग्न माना जाता है। मान्यता के अनुसार इस लग्न में पूजा पद-प्रतिष्ठा, नेतृत्व, आत्मबल, सम्मान और ऐश्वर्य की कामना से की जाती है।

मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः॥

दीपावली पर लक्ष्मी प्राप्ति के प्रचलित मंत्र

1. महालक्ष्मी बीज मंत्र

मंत्र: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥

जाप: 108 या 1008 बार

धन, ऐश्वर्य, सुख-समृद्धि और माता लक्ष्मी की कृपा की कामना के लिए इसका जाप किया जाता है।

2. लक्ष्मी धन प्राप्ति मंत्र

मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥

जाप: 108 बार

आर्थिक उन्नति, धन-धान्य और वैभव की कामना से इस मंत्र का जाप किया जाता है।

3. कनकधारा लक्ष्मी मंत्र

मंत्र: ॐ वं श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः॥

जाप: 108 बार

धन वृद्धि और आर्थिक बाधाओं से मुक्ति की प्रार्थना के लिए इस मंत्र का जाप किया जाता है।

4. कुबेर धन प्राप्ति मंत्र

मंत्र: ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥

जाप: 108 बार

धन-संपत्ति की सुरक्षा और समृद्धि की कामना के लिए यह प्रचलित मंत्र है।

5. श्रीसूक्त का विशेष मंत्र

मंत्र: हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम्। चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो मा आवह॥

जाप: 11 या 21 बार

ऐश्वर्य, सौभाग्य और मंगलमय जीवन की कामना से श्रीसूक्त का पाठ किया जाता है।

6. गजलक्ष्मी मंत्र

मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं गजलक्ष्म्यै नमः॥

जाप: 108 बार

वैभव, प्रतिष्ठा और समृद्धि की कामना के लिए इस मंत्र का जाप किया जाता है।

7. दीपावली का सर्वमान्य लक्ष्मी मंत्र

मंत्र: ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि। तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥

जाप: 108 बार

माता लक्ष्मी की कृपा, सद्बुद्धि और मंगल की कामना से इस मंत्र का जाप किया जाता है।

पूजा में श्रद्धा और सही मुहूर्त का महत्व

दीपावली पर पूजा करते समय स्वच्छता, श्रद्धा और एकाग्रता का ध्यान रखना चाहिए। पूजा के मुहूर्त, लग्न और मंत्र जाप की संख्या को लेकर अलग-अलग परंपराएं हो सकती हैं। इसलिए स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि करें।

मंत्र जाप और पूजा को धार्मिक आस्था का विषय माना जाता है। इन्हें धन प्राप्ति की निश्चित गारंटी के रूप में नहीं, बल्कि श्रद्धा, सकारात्मकता और मंगलकामना के रूप में ग्रहण करना चाहिए।

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