बीकानेर में कैंपा एनर्जी ड्रिंक पर बड़ी कार्रवाई! 36 हजार से ज्यादा केन सीज, स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन

08 Jul 2026 BIKANER
Advertisement

बीकानेर में कैंपा एनर्जी ड्रिंक पर बड़ी कार्रवाई! 36 हजार से ज्यादा केन सीज, स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन

बीकानेर: जिले के करणी औद्योगिक क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने कैफिनेटेड एनर्जी ड्रिंक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कैंपा एनर्जी ड्रिंक की 36 हजार से अधिक केन सीज कर दी हैं। यह कार्रवाई भारत सरकार के एफएसएसएआई (FSSAI) और राज्य सरकार के फूड कमिश्नर के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।

FSSAI के निर्देश पर हुई कार्रवाई

कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रवण कुमार वर्मा और भानु प्रताप सिंह गहलोत की टीम ने की। अधिकारियों के अनुसार भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा कैफिनेटेड एनर्जी ड्रिंक की लेबलिंग और संभावित दुष्प्रभावों को लेकर जारी दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न कंपनियों के उत्पादों की जांच की जा रही है।

स्टिंग, रेड बुल और कैंपा भी जांच के दायरे में

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान के तहत बाजार में बिक रहे स्टिंग, रेड बुल, कैंपा सहित अन्य कैफिनेटेड एनर्जी ड्रिंक की जांच की जा रही है। जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, वहां संबंधित उत्पादों को सीज कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

इन लोगों के लिए हो सकते हैं नुकसानदायक

अधिकारियों ने बताया कि अधिक कैफीन वाले पेय पदार्थ गर्भवती महिलाओं, बच्चों, स्तनपान कराने वाली महिलाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इसलिए ऐसे उत्पादों के लेबल पर निर्धारित चेतावनियां और आवश्यक जानकारी स्पष्ट रूप से अंकित होना अनिवार्य है।

कोल्ड ड्रिंक को 'एनर्जी ड्रिंक' बताकर बेचने का आरोप

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कुछ कंपनियां कैफिनेटेड युक्त कोल्ड ड्रिंक को "एनर्जी ड्रिंक" के रूप में प्रचारित कर उपभोक्ताओं को भ्रमित कर रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाकर जांच और कार्रवाई की जा रही है।

कार्रवाई के बाद उठे सवाल

इस कार्रवाई के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि जिन उत्पादों को अब स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक बताया जा रहा है, वे लंबे समय से बाजार में खुलेआम बिक रहे थे। ऐसे में लोगों का सवाल है कि स्वास्थ्य विभाग ने पहले इन पर कार्रवाई क्यों नहीं की और अब अचानक अभियान क्यों शुरू किया गया।

Share: